बॉलीवुड अभिनेत्री प्रियंका चोपड़ा ने कहा कि वक्त के साथ बेशक लोगों की सोच बदली है, लेकिन अब भी हमारे समाज में बेटियों को पराया धन कहा जाता है। ऐसी सोच रखने वाले लोगों को मानसिकता बदलने की जरूरत है। महिलाओं और बच्चियों को सम्मान देना चाहिए, तभी ये स्वयं को सुरक्षित महसूस कर पाएंगी।
2 of 5
priyanka chopra
- फोटो : G. pal
बुधवार को दिल्ली के एक होटल में केंद्रीय स्वास्थ्य मंत्रालय द्वारा आयोजित 2018 पार्टनर-फोरम में माताओं, नवजात शिशुओं और किशोर वर्ग के स्वास्थ्य पर परिचर्चा में प्रियंका ने कहा कि बेटियों को बेटों की तरह अवसर देने चाहिए।
3 of 5
priyanka chopra
- फोटो : G. pal
केंद्रीय स्वास्थ्य मंत्री जगतप्रकाश नड्डा ने कहा कि सरकार महिलाओं, बच्चियों और नौनिहालों को बेहतर स्वास्थ्य सेवाएं देने का प्रयास कर रही है। आयुष्मान भारत में इनका विशेष ध्यान रखा जा रहा है। डेढ़ लाख हेल्थ एंड वेलनेस सेंटर में 30 साल की महिलाओं को कैंसर और मधुमेह की निशुल्क जांच की सुविधा मिलेगी।
4 of 5
priyanka chopra
- फोटो : G. pal
कुछ वर्षों में 90 फीसदी बच्चों को टीकाकरण के दायरे में लाया गया है। दिसंबर 2018 तक यह आंकड़ा 90 फीसदी से ऊपर लाने पर काम शुरू हो चुका है। इस साल 12 औैर 13 दिसंबर को भारत सरकार माताओं और नौनिहालों के स्वास्थ्य को लेकर विश्व स्तरीय कांफ्रेंस का आयोजन दिल्ली में करने जा रही है। इसमें एक हजार से ज्यादा स्वास्थ्य एनजीओ और 77 देशों के प्रतिनिधि मौजूद रहेंगे।
5 of 5
priyanka chopra
- फोटो : G. pal
परिचर्चा में केंद्रीय स्वास्थ्य राज्यमंत्री अनुप्रिया पटेल, अश्विनी कुमार चौबे, स्वास्थ्य सचिव प्रीति सूदन भी मौजूद थीं। इस दौरान चिली गणराज्य की पूर्व राष्ट्रपति डॉ. मिशेल बेचलेट ने भी संबोधित किया।