गाजियाबाद पुलिस की लापरवाही की वजह से कोर्ट से रिहाई का आदेश होने के बाद भी दो आरोपी डेढ़ घंटे तक हथकड़ी में कैद रहे। पुलिसकर्मी हथकड़ी लगाकर चाभी भूल गए थे। इस बारे में सोशल साइट्स पर विडियो वायरल हो रहा है।
अभियोजन पक्ष के अधिवक्ता नरेश ने बताया कि मोदी नगर पुलिस ने तोड़फोड़, हंगामा और मारपीट के मामले में आशीष और अंशुमन नाम के दो युवकों को गिरफ्तार किया। दोनों 30 अप्रैल की रात को मोदीनगर के तिबड़ा रोड पर हंगामा किया था। पुलिस ने बृहस्पतिवार को दोनों गिरफ्तार कर एसीजेएम अदालत में पेश किया। जहां वकील ने दोनों आरोपियों की ओर से जमानत अर्जी दाखिल की।
अदालत ने सुनवाई के बाद दोपहर तीन बजे दोनों को जमानत पर रिहा होने के आदेश दिया। आदेश के बाद जब अधिवक्ता रिहाई के कागज लेकर पुलिसकर्मियों के पास पहुंचे तो पता चला कि पुलिसकर्मियों ने जो हथकड़ी उन्हें लगाई है, वह हथकड़ी की चाभी कहीं रखकर भूल गए।
इसके बाद उन्होंने इसकी शिकायत जज से की। डेढ़ घंटे बाद पुलिसकर्मियों ने अन्य पुलिसकर्मियों से चाभी लेकर लगाई तो हथकड़ी नहीं खुली। बाद में एक पुलिसकर्मी ने रुमाल से चाबी लगाकर हथकड़ी को खोला, जिसके बाद दोनों आरोपियों को छोड़ा गया।
सुप्रीम कोर्ट के आदेश की अवहेलना अधिवक्ता ने बताया कि सुप्रीम कोर्ट के आदेश हैं कि पुलिसकर्मी आरोपियों को हथकड़ी नहीं लगा सकते हैं। ऐसे में बृहस्पतिवार को पुलिसकर्मी आरोपियों को हथकड़ी लगाकर लाए थे। जिससे साफ तौर पर सुप्रीम कोर्ट के आदेश की अवहेलना हुई है।