गढ़मुक्तेश्वर के बहादुरगढ़ थाना क्षेत्र के गांव पसवाड़ा में छह वर्षीय मासूम की हत्या का मामला सामने आया है। मासूम का शव घर के अंदर रखे संदूक से बरामद हुआ। इसकी जानकारी होते ही परिजनों में हड़कंप मच गया। पुलिस ने शव को कब्जे में लेकर पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया है।
संदूक में मिला मासूम का शव, पिता को बेटे की मौत की खबर नहीं
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बहादुरगढ़ क्षेत्र के गांव निवासी फकरू मजदूरी कर परिवार का पालन पोषण करता है। पहली पत्नी की मौत हो चुकी है, जिससे उसे पांच बच्चे हैं। बच्चों के पालन-पोषण के लिए फकरू ने सात माह पहले दो बच्चों की मां शबाना से निकाह किया था। वह अपने दोनों बच्चों को लेकर फकरू के साथ रहती है। बृहस्पतिवार को उसका छह वर्षीय बेटा मारूफ, जोकि उसकी पहली पत्नी की संतान है, सुबह संदिग्ध हालात में लापता हो गया। भतीजे जमालू, फिरोज और दूसरे बेटे समेत ग्रामीणों ने उसकी काफी तलाश की, लेकिन उसका कुछ पता नहीं चला।
ग्रामीणों के कहने पर शाम को जब घर में तलाश की गई तो उसका शव कमरे में रखे एक संदूक से बरामद हो गया। उसके गले पर चोट के निशान थे। बच्चे का शव मिलते ही परिजनों और ग्रामीणों में हड़कंप मच गया। सूचना मिलते ही पुलिस आनन-फानन में मौके पर पहुंच गई। इंस्पेक्टर मुकेश कुमार ने बताया कि बच्चे के शव को पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया गया है। मामले की जांच की जा रही है। इस संबंध में तहरीर मिलने के बाद आगे की कार्रवाई की जाएगी।
संदूक में शव मिलने पर तरह-तरह की चर्चाएं
छह साल के बच्चे की हत्या कर शव को घर में ही संदूक में छिपाने का मामला गांव समेत सारे क्षेत्र में चर्चा का विषय बना हुआ है। ग्रामीणों ने बताया कि फकरू का कभी किसी से कोई विवाद नहीं हुआ। वहीं, परिजनों का कहना है कि आखिर छह वर्षीय मासूम की किससे दुश्मनी थी, जो उसे बेरहमी के साथ मौत के घाट उतार कर घर में ही संदूक में बंद कर दिया। ग्रामीणों के बीच दबी जुबान सौतेली मां की साजिश की भी चर्चा है।
पिता को बेटे की मौत का नहीं पता
फकरू के पास मोबाइल फोन नहीं है। वह बृहस्पतिवार की सुबह की काम के सिलसिले में घर से बाहर चला गया था। देर शाम बच्चे का शव मिलने के बाद पुलिस मौके पर पहुंच गई, शव को पोस्टमार्टम के लिए भी भेज दिया गया। लेकिन पिता को उसके मासूम बच्चे की हत्या की भनक तक नहीं थी। देर शाम तक वह घर नहीं लौटा था।