एक साल पहले गोहत्या के शक में भीड़ द्वारा पीट-पीटकर बिसाहड़ा में इकलाख की हत्या कर दी गई थी। जिसके आरोप में कई लोगों पर मामले दर्ज हैं और वो एक साल से न्यायिक हिरासत में हैं। इन्हीं में से एक आरोपी रवि की 4 अक्टूबर को मौत हो गई थी जिसपर अब राजनीति ने पिछले साल इकलाख की मौत के दौरान रहे माहौल का ही रुख अख्तियार कर लिया है। रवि के परिजन व राजनीतिक दल मिलकर इस पूरे मामले को सियासी रंग देने की कोशिश कर रहे हैं और इसीलिए रवि का तीन दिन बाद तक अंतिम संस्कार नहीं किया गया है। उसके शव को फ्रीजर में रखकर पंचायत चल रही है जिसमें केंद्रीय मंत्री महेश शर्मा भी पहुंचे हैं। उनके साथ ही संगीत सोम भी बिसाहड़ा पहुंचे हैं और दोनों ही गांववालों द्वारा गठित कमेटी के सदस्यों के साथ मिलकर वहीं बंद कमरे में मीटिंग कर रहे हैं।
बता दें कि साध्वी प्राची कल ही बिसाहड़ा पहुंची थी और भड़काऊ भाषण भी दिए थे। भड़काऊ भाषणों का सिलसिला तो यहां रवि की मौत के दिन से ही शरु हो गया है।
बजरंग दल, विश्व हिंदू परिषद ने भी बिसाहड़ा में हो रही पंचायत को अपना समर्थन दिया है। इसके साथ ही आसपास के कई कॉलेजों के युवा भी पंचायत में शामिल होने पहुंचे हैं। महेश शर्मा के पहुंचने से पहले यहां जिन लोगों ने पंचायत को संबोधित किया उन्होंने प्रदेश सरकार से नाराजगी जताई। उन लोगों ने कहा कि सरकार का कोई भी मंत्री अब तक रवि के परिवार से मिलने नहीं आया जबकि इकलाख की मौत के बाद केजरीवाल, राहुल गांधी और ओवैसी नंगे पांव चले आए थे।
वहीं यहां पहुंचकर केंद्रीय मंत्री महेश शर्मा बोले कि वो इस लड़ाई में गांववालों द्वारा बनाई गई कमेटी के साथ खंभे की तरह खड़े रहेंगे। इसके साथ ही खबर है कि महेश शर्मा कमेटी के सदस्यों के साथ भी वार्ता करेंगे। बता दें कि गांववालों ने रवि की मौत के लिए पुलिस प्रशासन को जिम्मेदार ठहराया है और उसकी मौत की सच्चाई का पता लगाने के लिए एक कमेटी गठित की है।
वहीं इस दौरान मृतक रवि की पत्नी पूजा की रो-रोकर हालत इनती खराब हो गई कि उसे अस्पताल पहुंचाना पड़ा।