द्वारका सेक्टर 13 स्थित फ्लैट के हॉल से आग की शुरूआत हुई। देखते ही देखते आग ने विकराल रूप ले लिया और पूरा कमरा धुएं से भर गया। नींद के आगोश में सोए हुए सदस्यों को जब धूएं की वजह से सांस लेने में दिक्कत हुई तो सभी की नींद खुली। आग देखते ही घर में अफरा-तफरी मच गई और सभी सुरक्षित जगह की ओर भागने लगे। हॉल में आग होने की वजह से यश, बेटी और भतीजा सीढ़ियों की ओर नहीं जा पाए और बालकनी में फंस गए। आग से बचने का कोई उपाय सूझता न देख तीनों ने इमरात से जान बचने की उम्मीद में छलांग लगा दी। गंभीर रूप से घायल होने से तीनों की मौत हो गई।
द्वारका अग्निकांड में तीन की मौत: क्यों किसी को नहीं लगा आग का पता, क्या कर रहा था परिवार; पढ़ें इनसाइड स्टोरी
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली
Published by: विकास कुमार
Updated Tue, 10 Jun 2025 11:06 PM IST
सार
यश के भतीजे योगेश ने बताया कि अशोक विहार में चाचा की दो फैक्टरी हैं। दो साल पहले उन्होंने द्वारका सेक्टर 13 के शबद अपार्टमेंट की नौवीं मंजिल पर फ्लैट खरीदा था।
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