मंडावली इलाके में शनिवार सुबह संदिग्ध हालात में रेलवे ट्रैक से एक छात्र व छात्रा का शव बरामद हुआ। मृतकों की शिनाख्त प्रदीप सोनी (18) और अमृता (16) के रूप में हुई है। 2 मार्च को दोनों अपने-अपने घरों से ट्यूशन पढ़ने किशनकुंज निकले थे। इसके बाद दोनों लापता थे। परिजनों ने दोनों की गुमशुदगी शकरपुर थाने में कराई थी। पुलिस को प्रदीप के पास से एक सुइसाइड नोट बरामद हुआ है, जिसमें उसने लिखा है कि कोई उनका रिश्ता नहीं समझ पाया।
ट्यूशन पढ़ने घर से निकले प्रेमी जोड़े की रेलवे ट्रैक पर मिली लाशें
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शुरुआती जांच के बाद पुलिस मामले को सुइसाइड ही बता रही है। वहीं प्रदीप के परिजनों ने अमृता के परिजनों पर दोनों की हत्या का आरोप लगाते हुए विकास मार्ग पर जाम लगाया। पुलिस ने समझा-बुझाकर उन्हें हटाया। रविवार को दोनों के शवों का पोस्टमार्टम कराया जाएगा। उसके बाद ही सही तथ्यों की जानकारी हो पाएगी। प्रदीप अपने परिवार के साथ 61-शकरपुर गांव में रहता था। इसके परिवार में पिता सोहनलाल, मां जग रोशिनी, दो बहनें और एक भाई है।
प्रदीप पास के सरकारी स्कूल में 12वीं का छात्र था। वहीं, अमृता परिवार के साथ वेस्ट गुरु अंगदनगर में रहती थी। इसके परिवार में पिता जसवीर सिंह, मां व दो बहनें हैं। अमृता भी सरकारी स्कूल में दसवीं की छात्रा था। दोनों किशनकुंज स्थित एक कोचिंग सेंटर में ट्यूशन पढ़ते थे। 2 मार्च को ट्यूशन के लिए निकले थे, जिसके बाद वे नहीं लौटे। परिजनों ने शकरपुर थाने में दोनों की गुमशुदगी दर्ज कराई। शकरपुर थाना पुलिस अभी दोनों की तलाश कर ही रही थी कि शनिवार सुबह दोनों के शव बरामद हुए।
आनंद विहार रेलवे थाना पुलिस को मंडावली रेलवे स्टेशन के पास रेलवे ट्रैक से प्रदीप व अमृता के शव कटे हुए मिले। शुरुआती जांच के बाद ऐसा लग रहा था कि दोनों ने ट्रेन के आगे कूदकर खुदकुशी की। ट्रेन की टक्कर से दोनों के शरीर पर गंभीर चोटें हैं। पुलिस को प्रदीप की जेब से एक नोट बरामद हुआ, जिसमें उसने हिन्दी व पंजाबी में अपने रिश्ते को न समझ पाने की बात की थी। पुलिस ने परिजनों से शव की पहचान कराने के बाद शवों को पोस्टमार्टम के लिए मोर्चरी भेज दिया है।
रविवार को पोस्टमार्टम कराने के बाद ही मौत के कारणों का पता चल पाएगा। प्रदीप की मौत की खबर मिलते ही उसके घर पर कोहराम मच गया। गुस्साए परिजनों ने दोपहर करीब 2.00 बजे विकास मार्ग, लक्ष्मी नगर मेट्रो स्टेशन के नीचे जाम लगा दिया। प्रदीप के पिता का कहना था कि उनका बेटा सुइसाइड नहीं कर सकता है। दलित होने की वजह से अमृता के परिजनों को दोनों के बीच दोस्ती पसंद नहीं थी। इसी की वजह से लड़की के घर वालों ने दोनों की हत्या कर शव को रेलवे ट्रैक पर फेंककर आत्महत्या का रंग देने का प्रयास किया।