सुदीक्षा की मौत से पिता जितेंद्र भाटी बुरी तरह टूट गए हैं। आंसू थमने का नाम नहीं ले रहे। सुदीक्षा की मौत के बाद से उन्होंने खाना तक नहीं खाया है। घर पहुंचने वाले हर जनप्रतिनिधि से वह बेटी को न्याय दिलाने की गुहार लगा रहे हैं।
सुदीक्षा भाटी प्रकरण: बेटी के गम में तीन दिन से पिता ने नहीं खाया खाना, बस मांग रहे न्याय
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एक करोड़ की आर्थिक मदद व सरकारी नौकरी दे प्रदेश सरकार
बादलपुर कोतवाली क्षेत्र के डेरी स्कनर गांव में सुदीक्षा भाटी के घर पर बुधवार को भी सांत्वना देने के लिए सामाजिक और राजनीति दलों का जमावड़ा लगा रहा। सपा और कांग्रेस ने प्रदेश सरकार से पीड़ित परिवार को एक करोड़ रुपये की सहायता धनराशि और सरकारी नौकरी देने की मांग की है। वहीं, पूर्व मुख्यमंत्री अखिलेश यादव पार्टी की तरफ से दो लाख रुपये की सहायता राशि देंगे। कांग्रेस ने सुप्रीम कोर्ट या हाईकोर्ट की तरफ से गठित एसआईटी से जांच कराने की मांग की है।
परिजनों ने हादसे से पहले युवकों पर छेड़छाड़ करने का आरोप लगाया है। इसके बाद से सुदीक्षा की मौत ने राजनीतिक रूप ले लिया है। बुधवार सुबह सपा नेता व छात्र सभा के पूर्व प्रदेश अध्यक्ष अतुल प्रधान अपने समर्थकों के साथ सुदीक्षा के घर पहुंचे। उनके अलावा सपा नेता राजकुमार भाटी, जिलाध्यक्ष बीरसिंह यादव, फकीरचंद नागर, नवीन भाटी, श्यामसिंह भाटी भी पहुंचे। अतुल प्रधान दिनभर घर पर रहे। पूर्व मुख्यमंत्री अखिलेश यादव के निर्देश पर जिलाध्यक्ष बीर सिंह यादव ने पीड़ित परिवार को दो लाख रुपये की आर्थिक सहायता देने की घोषणा की। साथ ही, प्रदेश में सपा की सरकार बनने के बाद एक करोड़ की आर्थिक मदद देने का आश्वासन दिया है। सपा नेताओं ने भाजपा सरकार पर निशाना साधा और कहा कि सरकार के गठन के बाद से महिलाओं के प्रति अपराध बढ़ गया है। घर से निकलना मुश्किल हो गया है। सपा नेता अतुल प्रधान ने कहा कि मनचलों के कारण हादसा हुआ था। अगर दो दिन में खुलासा नहीं हुआ तो फिर सपा जिला मुख्यालय पर धरना देगी।
भाजपा सरकार दे रही है आपराधिक लोगों को पनाह
प्रदेश महासचिव वीरेंद्र सिंह गुड्डू, जिलाध्यक्ष मनोज चौधरी, बुलंदशहर के जिलाध्यक्ष टुक्कीमल खटीक के नेतृत्व में कांग्रेस का दल सुदीक्षा के घर पहुंचा। गुड्डू का कहना है कि बुलंदशहर के जिस क्षेत्र में सुदीक्षा के साथ हादसा हुआ है। उसी क्षेत्र में कुछ साल पहले इंस्पेक्टर सुबोध की हत्या की गई थी। वहां सरकार का संरक्षण होने के कारण अपराधी पुलिस पर हावी हैं। इसी कारण आरोपियों पर कार्रवाई नहीं हो रही है। जिलाध्यक्ष मनोज चौधरी ने बताया कि सरकार से आरोपियों को जल्द गिरफ्तार करने, केस की जांच सुप्रीम कोर्ट या हाईकोर्ट की एसआईटी को सौंपने, पीड़ित परिवार को एक करोड़ की सहायता देने, सरकारी नौकरी और ग्रेनो में एक मकान देने की मांग की है।
दादरी विधायक भी पहुंचे पीड़ित के घर
दादरी विधायक तेजपाल नागर बुधवार को भी पीड़ित परिवार को सांत्वना देने पहुंचे। वहां सपा नेता भी मौजूद रहे। बातचीत के दौरान माहौल गरमा गया। हालांकि, दोनों पक्षों ने समझदारी दिखाकर बात को बढ़ने नहीं दिया। दिल्ली नगर निगम मेयर जयप्रकाश छावडी, जय हो सामाजिक संगठन के संदीप भाटी भी सांत्वना देने पहुंचे।