रोहिणी इलाके में बुधवार रात 12वीं कक्षा में पढ़ने वाली एक छात्रा की गला घोटकर हत्या कर दी गई। पुलिस ने हत्या के आरोप में उसके दोस्त व स्कूल में साथ पढ़ने वाले सीनियर छात्र सार्थक कपूर को गिरफ्तार कर लिया है।
पुलिस ने शव का पोस्टमार्टम कराकर परिजनों को सौंप दिया है। जिला पुलिस उपायुक्त ऋषिपाल ने बताया कि आरोपी सार्थक कपूूर परिजनों के साथ रोहिणी सेक्टर-11 में रहता है और रोहिणी स्थित एक निजी इंस्टीट्यूट में बीसीए प्रथम वर्ष का छात्र है। जबकि श्रेया शर्मा(17) रोहिणी सेक्टर-17 में अपने पिता योगेश कुमार, मां ललिता, दादी लीलावती और छोटा भाई दिनेश (10) के साथ रहती थी। योगेश शर्मा दरियागंज स्थित कॉपरेटिव बैंक में असिस्टेंट मैनेजर हैं।
परिवार वालों के मुताबिक बुधवार शाम श्रेया घर से ट्यूशन पढ़ने के लिए गई थी। बुधवार रात साढ़े आठ बजे तक वह घर नहीं पहुंची तो पिता ने उसके मोबाइल पर फोन किया। उसका मोबाइल बंद मिला। परिवार वालों ने उसके दोस्तों से संपर्क किया तो पता चला कि श्रेया को सार्थक के साथ था। परिवार वालों ने सार्थक को फोन कर घर बुलाया। लेकिन सार्थक ने श्रेया के साथ होने से इनकार कर दिया और उसे खोजने में मदद करने का नाटक करने लगा। इसके बाद परिजनों ने केएन काटजू मार्ग थाने में गुमशुदगी की शिकायत दर्ज करा दी।
योगेश कुमार ने सार्थक पर बेटी को तंग करने और पीछा करने का आरोप लगाया। पुलिस ने श्रेया के कुछ दोस्तों से पूछताछ करने के बाद सार्थक को हिरासत में लेकर कड़ाई से पूछताछ की तो उसने अपराध स्वीकार कर लिया। पुलिस ने तड़के चार बजे आरोपी की निशानदेही पर सेक्टर-17 रोहिणी से श्रेया का शव बरामद कर लिया। सार्थक ने पुलिस को बताया कि श्रेया उससे बातचीत नहीं कर रही थी, जिससे वह गुस्से में था। बुधवार शाम श्रेया ट्यूशन से निकलने के बाद उससे बातचीत किए बिना घर जाने लगी। घर से पचास मीटर पहले सुनसान गली में उसने श्रेया को पकड़ लिया। दोनों में कहासुनी होने लगी। इसी दौरान उसने श्रेया का गला दबा दिया।
होनहार बेटी श्रेया की मौत के बाद से परिवार का रो-रोकर बुरा हाल है। उसके कमरे में रखे सर्टिफिकेट और मेडल्स उसकी याद दिला रहे हैं। उसके पिता योगेश बताते हैं कि दसवीं कक्षा में उसने नासा साइंस की प्रतियोगिता में हिस्सा लिया था। प्रतियोगिता में दिल्ली से सात ही बच्चे चुने गए थे, जिसमें श्रेया भी शामिल थी। वह तीन राउंड क्लीयर कर चुकी थी। योगेश के मुताबिक उसने एशियाड ओलंपियाड में भी कई बार शिखर पर रही। श्रेया की मां नेचुरोपेथी की डॉक्टर हैं।