देश के सबसे बड़े बैंक एसबीआई के 25 करोड़ ग्राहकों के लिए एक बड़ी खुशखबरी है। दरअसल एसबीआई अपने उन ग्राहकों से चार्ज लेता है जो अपने खातों का न्यूनतम बैलेंस मेंटेन नहीं कर पाते। लेकिन अब बैंक ने ये चार्ज बहुत ही कम कर दिया है जिससे ग्राहकों को बड़ी राहत मिलेगी।
SBI के ग्राहकों के लिए बड़ी खुशखबरी, 1 अप्रैल से बदल रहे हैं ये नियम जिसे जानना है जरूरी
बता दें कि 1 अप्रैल से एसबीआई अपने ग्राहकों से मिनिमम बैलेंस मेंटेन ना कर पाने की वजह से 50 रुपए की जगह अब सिर्फ 15 रुपए लेगा। बता दें कि एसबीआई अपने शहरी व मेट्रो शहरों में रहने वाले ग्राहकों से उनके खातों में मिनिमम बैलेंस मेंटेन ना कर पाने के लिए हर माह 50 रुपए लेता है जिसे घटाकर उसने 15 रुपए कर दिया है। ये बात जाननी जरूरी है कि इसमें जीएसटी नहीं जुड़ा है वह अलग से लगेगा जिसकी दर 18% है। वहीं ग्रामीण क्षेत्र के ग्राहकों के लिए ये दर अलग है। आगे पढ़ें...
अब आप सोच रहे होंगे कि आखिर आप अपने मिनिमम बैलेंस की गणना कैसे करेंगे तो इसके लिए भी हमारे पास आसान तरीका है। इसके लिए आपको अपने अकाउंट का बैलेंस महीने की पहली तारीख से आखिरी तारीख तक देखना होगा। मान लें कि आप मेट्रो शहर में रहते हैं और आपने किसी भी महीने की एक तारीख को 5 हजार रुपये जमा किए और 10 तारीख को 3 हजार रुपये निकाल लिए। इसके बाद 20 तारीख को फिर से 5 हजार रुपये जमा कर दिए।
अब एक तारीख से लेकर के 10 तारीख तक का बैलेंस 5000*9=45000 रुपये
इसके बाद 10 तारीख से लेकर के 20 तारीख का बैंलेंस 2000*11=22000 रुपये
इसके बाद बैलेंस 20 तारीख से लेकर के 30 तारीख तक का बैलेंस 10*7000=70000 रुपये
अब आप इनका जोड़ कर लीजिए यानी कि (45000+22000+70000=137000 रुपये)
अब इसको 30 से भाग देकर के आपके पास 4566 रुपये का ऐवरेज आएगा। इस हिसाब से आप पर किसी तरह की कोई पेनाल्टी बैंक आपके सेविंग बैंक अकाउंट पर नहीं चार्ज करेगा।
एसबीआई के 41 करोड़ सेविंग बैंक अकाउंट हैं जिसमें से 16 करोड़ अकाउंट प्रधानमंत्री जनधन योजना, बेसिक सेविंग बैंक डिपॉजिट अकाउंट(बीएबीडी) और पेंशनरों/नाबालिगों/सोशल सिक्योरिटी बेनिफिट होल्डर्स को मिनिमम बैलेंस रखने से पहले से ही छूट मिली हुई है। इसके साथ ही 21 साल तक के छात्र भी मिनिमम बैलेंस रखने के प्रावधान से मुक्त हैं।