साहब, मेरे पीयूष को जमीन खा गई है या आसमां निगल गया है। पुलिसवाले कुछ भी बताने को तैयार नहीं हैं। अब तो वह सीधे मुंह बात भी नहीं करते। कम से कम इतना तो बता दें कि पीयूष जिंदा है या नहीं। क्योंकि पिछले छह साल से बेटे के लिए पुलिस के चक्कर लगाते-लगाते अब थक चुके हैं।
'साहब! मेरे पीयूष को जमीन खा गई या आसमां निगल गया'
Updated Wed, 20 Jan 2016 01:34 PM IST
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'साहब! मेरे पीयूष को जमीन खा गई या आसमां निगल गया'
'साहब! मेरे पीयूष को जमीन खा गई या आसमां निगल गया'
'साहब! मेरे पीयूष को जमीन खा गई या आसमां निगल गया'
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