दिल्ली पुलिस की स्पेशल सेल की जांच में पंजाबी गायक सिद्धू मूसेवाला की हत्या में एक और नया खुलासा सामने आया है। सिद्धू मूसेवाला की हत्या के लिए जो साजिश रची गई थी, उसमें हत्यारों में सिर्फ प्रियव्रत उर्फ फौजी और जगरूप उर्फ रूपा को ही मोबाइल फोन रखने के निर्देश थे। गिरोह के बाकी सदस्य को फोन रखने की बिल्कुल मनाही थी। फौजी व रूपा मोबाइल से गोल्डी बरार और अन्य से इस तरह बात कर सकते थे कि सुरक्षा एजेंसियों को पकड़ना आसान नहीं था। दूसरी तरफ जांच में ये भी बात सामने आई है कि लॉरेंस बिश्नोई ने तिहाड़ से मुलाकाती के जरिए पंजाबी गायक सिद्धू मूसेवाला की हत्या के आदेश दिए थे। मुलाकाती ने गिरोह के अन्य सदस्यों तक ये बात पहुंचाई थी। ये मुलाकाती करीब आठ महीने पहले जिहाड़ में लॉरेंस बिश्नोई से मिलने तिहाड़ जेल गया था।
मूसेवाला हत्याकांड में चौंका देगा ये खुलासा: वारदात को अंजाम देते बनाई गई थी वीडियो, प्रियव्रत-रूपा को सौंपा गया था ये बड़ा जिम्मा
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हत्या की साजिश के बाद से ही प्रियव्रत और रूपा को मोबाइल रखने के थे आदेश
स्पेशल सेल के एक वरिष्ठ अधिकारी ने बताया कि सिद्धू मूसेवाला की हत्या की साजिश रचते ही प्रियव्रत उर्फ फौजी और जगरूप को मोबाइल रखने के लिए आदेश थे। इनमें से प्रियव्रत ही कनाडा में बैठे गैंगस्टर गोल्डी बरार से बात करता था। ये डोंगल के जरिए मोबाइल में इंटरनेट चलाते थे और फिर टेलीग्राम (एप) पर आपस में या फिर गोल्डी बरार से बात करते थे। स्पेशल सेल ने प्रियव्रत के कब्जे से गिरफ्तारी के समय मोबाइल बरामद किया था। पुलिस अधिकारियों के अनुसार प्रियव्रत ने मोबाइल में सबकुल डिलीट कर रखा था। उसके मोबाइल में कुछ नहीं था। पुलिस ने उसके मोबाइल को फॉरेंसिक जांच के लिए भेजा है।
प्रियव्रत ही गोल्डी बरार से करता था बातचीत
प्रियव्रत ही गोल्डी बरार से बात करता था। सिद्धू मूसेवाला की हत्या से एक घंटे पहले भी प्रियव्रत ने गोल्डी बरार को फोन किया था और उसने बताया था कि सिद्धू अपने दो साथियों के साथ घर से बाहर निकल रहा है और उसके साथ सुरक्षा गार्ड भी नहीं है। गोल्डी बरार ने ये भी बताया था कि सिद्धू मूसेवाला के घर का बड़ा दरवाजा खुल गया है।
पुलिस अधिकारियों के अनुसार सिद्धू मूसेवाला की हत्या की साजिश लॉरेंस बिश्नोई ने करीब आठ-नौ महीने पहले तिहाड़ में रची थी। लॉरेंस, गोल्डी बरार के अलावा शूटरों और जेल में बंद दीपक उर्फ टीनू हरियाणा, हरियाणा में बंद मिट्टू मोडेशिया को सिद्धू मूसेवाला की हत्या की साजिश का पता था। दिल्ली पुलिस की स्पेशल सेल दीपक उर्फ टीनू हरियाणा को पूछताछ के लिए दिल्ली लेकर आई थी और उसे मकोका में गिरफ्तार किया था।
लॉरेंस ने अपने भाई को बाहर भेज दिया था
लॉरेंस बिश्नोई ने अपने भाई अनमोल बिश्नोई उर्फ भानु को सिद्धू मूसेवाला की हत्या से पहले भारत से बाहर भेज दिया था। लॉरेंस बिश्नोई को लगता था कि सिद्धू मूसेवाला की हत्या में उसके भाई का नाम आ जाएगा। ये पहले दुबई गया था। बताया जा रहा है कि यहां से कनाडा फिर यूएसए चला गया है। लॉरेंस ने अनमोल के अलावा मामा के लड़के सचिन बिश्नोई को भी भारत से बाहर भेज दिया था। ये दोनों भारत से फर्जी पासपोर्ट पर दुबई गए थे।