श्रद्धा वाकर हत्याकांड में एक के बाद एक खुलासे हो रहे हैं, लेकिन अब तक पुलिस के हाथ कोई ठोस सुराग नहीं लगा है। सूत्रों के अनुसार, यहां तक कि जिस फ्रिज में श्रद्धा के शव के टुकड़ों को रखा गया था उस पर भी खून का कोई नमूना या सुराग नहीं मिला है। वहीं महरौली के जगलों से जो हड्डियां मिलीं हैं उसमें भी अभी यह स्पष्ट नहीं हुआ है कि वह श्रद्धा की ही हैं या फिर किसी जानवर की हैं। हालांकि अभी फॉरेसिंक रिपोर्ट आना बाकी है। साथ ही पुलिस को श्रद्धा के सिर की तलाश है ताकि यह साबित किया जा सके कि उसकी हत्या हो चुकी है। पुलिस के पास आफताब के कबूलनामे के अलावा श्रद्धा हत्याकांड से जुड़ा कोई ठोस सबूत नहीं है। लिहाजा इस हत्याकांड की कड़ियों को जोड़ना पुलिस के लिए भी कड़ी चुनौती है।
श्रद्धा हत्याकांड पुलिस के लिए अभी भी चुनौती: जिस फ्रिज में था शव उससे न मिला कोई सुराग, अभी ये हैं मुश्किलें
आफताब के बयानों के आधार पर जंगल-जंगल खाक छान रही पुलिस
श्रद्धा हत्याकांड का आरोपी आफताब पुलिस पूछताछ में जो बयान दे रहा है पुलिस उसी आधार पर अपनी जांच आगे बढ़ा रही है। आफताब ने जिन जगहों पर श्रद्धा के शव के टुकड़े फेंके जाने की बात कही पुलिस वहां-वहां खाक छानती फिर रही है। वहीं कानून के जानकारों का मानना है कि कोर्ट में अगर अपने कबूलनामे से आरोपी आफताब मुकर गया तो नई चुनौतियां खड़ी हो जाएंगी।
केमिकल से सफाई की वजह से मिट गए सुराग
आरोपी आफताब पूनावाला ने अब दिल्ली पुलिस की पूछताछ में खुलासा किया है कि उसने श्रद्धा के सिर को फ्रिज के आई चेंबर में रखा था। जहां ठंडक की वजह से सिर बर्फ के गोले के रूप में तब्दील हो गया था। आरोपी ने बताया कि वह श्रद्धा के शरीर के टुकड़े रखने के लिए ही बड़ा फ्रिज खरीदकर लाया था। उसने बताया कि श्रद्धा का शव आसानी से काटने के लिए उसने बाथरूम का शावर चलाकर रखा था। इसके अलावा शरीर से जो खून निकल रहा था वह भी शावर के पानी से लगातार टॉयलेट में बह रहा था। आरोपी ने केमिकल से बाथरूम की दीवार, फर्श व रेफ्रिजरेटर को साफ किया था।
शव के टुकड़ों की तलाश में लगी पूरी दक्षिण जिला पुलिस, फिर भी सफलता से दूर
दक्षिण जिला पुलिस के लिए श्रद्धा के शव के टुकड़े बरामद न होना परेशानी का सबब बनता जा रहा है। ऐसे में महरौली पुलिस के साथ-साथ पूरे दक्षिण जिले की पुलिस को तलाशी अभियान में लगा दिया गया है। पुलिस ने बुधवार सुबह से ही अभियान शुरू कर दिया था और देर रात तक तलाशी अभियान चलता रहा था। पुलिस आरोपी को साथ लेकर गई थी, लेकिन कोई सफलता नहीं मिली थी।
जंगल में जानवरों के भी मिल रहे अवशेष
दक्षिण जिला पुलिस ने बुधवार को जंगल के सभी रास्ते बंद कर दिए थे। जंगल के हर रास्ते पर पुलिसकर्मी तैनात कर दिए थे। किसी भी को भी जंगल के अंदर नहीं जाने दिया रहा था। मीडियाकर्मियों को भी जंगल के अंदर नहीं जाने दिया गया। पुलिस अधिकारियों के अनुसार, जंगल के अंदर जंगली जानवरों के अवशेष भी मिल रहे हैं।