श्रद्धा हत्याकांड के आरोपी आफताब ने कत्ल के बाद रणनीति के तहत वारदात को छिपाने की कोशिश की, जिसमें वह काफी हद तक कामयाब भी रहा। परिजन अगर श्रद्धा की खोजबीन न करते तो वह पुलिस के हत्थे न चढ़ता। पुलिस पूछताछ में सामने आया है कि आरोपी आफताब को पता था कि शव को घर में रखने से बदबू आएगी। इस कारण वह घर में हमेशा अगरबत्ती जलाकर रखता था। वह पूरे घर में अगरबत्ती जलाता था। इसके अलावा उसे रूम फ्रेशनर भी इस्तेमाल करता था। इस तरह उसने करीब 22 दिन में काफी रूम फ्रेशनर खाली कर दिए थे।
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मृतक श्रद्धा का फाइल फोटो और आरोपी आफताब
- फोटो : अमर उजाला
दक्षिण जिले के अतिरिक्त पुलिस उपायुक्त अंकित चौहान ने बताया कि श्रद्धा वाकर मलाड़, मुंबई में रहती थी और आरोपी आफताब भी मुंबई का रहने वाला है। दोनों की बोंबल डेटिंग एप के जरिए दोस्ती हुई थी। जल्द ही दोनों में प्यार हो गया और मुंबई में सहमति संबंधों में रहने लगे। कुछ समय बाद ही इनमें झगड़ा हो गया। ये एक-दूसरे पर संदेह करते थे। इस कारण इनमें झगड़ा होता रहता था। इनको लगा कि वह बाहर घूमने जाएंगे तो सब ठीक हो जाएगा। ये हिमाचल प्रदेश घूमने के बाद दिल्ली आ गए।
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मृतका श्रद्धा और हत्यारोपी आफताब
- फोटो : सोशल मीडिया
इस तारीख को आरोपी ने दिल्ली में लिया था कमरा
पूछताछ में सामने आया है कि 15 मई को दोनों ने छतरपुर, महरौली में किराए पर कमरा लिया। तीसरे दिन ही 18 मई को इनमें झगड़ा हो गया और आफताब ने एक हाथ से श्रद्धा का मुंह दबाया। जब श्रद्धा चिल्लाने लगी तो आरोपी ने दूसरे हाथ से उसकी गला दबाकर हत्या कर दी। इसके बाद उसने शव को बाथरूम में रखा।
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श्रद्धा (फाइल फोटो)
- फोटो : सोशल मीडिया
उसने शव के चापर से करीब 35 टुकड़े किए और फिर फ्रीज में रख दिए। वह रात दो बजे फ्रीज से एक शव का एक टुकड़ा निकलता और महरौली के जंगल में फेंक आता। इधर जब श्रद्धा सोशल मीडिया पर सक्रिय नहीं दिखी तो उसके दोस्तों ने अनहोनी की आशंका को लेकर पिता विकास वाकर (59) को बताई।
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मृतका श्रद्धा
- फोटो : सोशल मीडिया
विकास वाकर ने इसकी आठ नवंबर को महरौली पुलिस को शिकायत की। महरौली पुलिस ने महरौली दर्जकर आफताब को छतरपुर से गिरफ्तार कर लिया। शुरू में वह पुलिस को ये कहकर गुमराह करता रहा कि झगड़ा होने के बाद श्रद्धा छोड़कर चली गई है। पुलिस ने उससे सख्ती से पूछताछ की तो उसने सच उगल दिया। आफताब को किसी तरह का पछतावा नहीं है।