दक्षिण दिल्ली के महरौली में दिल दहला देने वाली वारदात सामने आई है। युवक आफताब अमीन पूनावाला (28) ने सहमति संबंधों में रह रही युवती श्रृद्धा वाकर(26) की हत्या कर उसके शव के करीब 35 टुकड़े कर दिए। उसने शव के टुकड़े घर के बाथरूम में किए और टुकड़ों को धोकर पॉलिथीन में पैक कर फ्रीज में रख दिया। वह पिट्टू बैग में शव एक टुकड़े को रखता था और जंगल में फेंक कर आता। इस तरह वह करीब 22 दिन शव के टुकड़ों को फेंकता रहा। वह 22 दिनों तक शव के साथ घर में रहा। वह हर रात दो बजे टुकड़ों को महरौली के जंगलों में फेंकने जाता था। महरौली पुलिस ने करीब छह महीने बाद जब आरोपी युवक को गिरफ्तार किया है तो उसने ये सनसनीखेज खुलासा किया। पुलिस ने युवती के शव को करीब 13 टुकड़े (सिर्फ हड्डियां बची हैं) को बरामद कर लिया है। आरोपी युवक का कहना है कि दोनों एक-दूसरे पर संदेह करते थे। उसे शव को ठिकाने लगाने का आइडिया विदेशी क्राइम सीरियल डेक्सटर से आया था।
टुकड़े-टुकड़े इश्क: बाथरूम में धोकर पॉलीथीन में पैक किए श्रद्धा के टुकड़े, अब जगह-जगह मिल रहीं हड्डियां
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दक्षिण जिले के अतिरिक्त पुलिस उपायुक्त अंकित चौहान ने बताया कि श्रद्धा मलाड़, मुंबई में रहती थी और आफताब भी मुंबई का रहने वाला है। दोनों की बोंबल डेटिंग एप के जरिए दोस्ती हुई थी। जल्द ही दोनों में प्यार हो गया और मुंबई में सहमति संबंधों में रहने लगे। कुछ समय बाद ही इनमें झगड़ा हो गया। ये एक-दूसरे पर संदेह करते थे। इस कारण इनमें झगड़ा होता रहता था। इनको लगा कि वह बाहर घूमने जाएंगे तो सब ठीक हो जाएगा। ये हिमाचल प्रदेश घूमने के बाद दिल्ली आ गए। 15 मई को इन्होंने छतरपुर, महरौली में किराए पर कमरा लिया। तीसरे दिन ही 18 मई को इनमें झगड़ा हो गया और आफताब ने एक हाथ से श्रद्धा का मुंह दबाया। जब श्रद्धा चिल्लाने लगी तो आरोपी ने दूसरे हाथ से उसकी गला दबाकर हत्या कर दी। इसके बाद उसने शव को बाथरूम में रखा।
आरोपी आफताब को पता था कि शव को घर में रखने से बदबू आएगी। इस कारण वह घर में हमेशा अगरबत्ती जलाकर रखता था। वह पूरे घर में अगरबत्ती जलाता था। इसके अलावा उसे रूम फ्रेशनर भी इस्तेमाल करता था। इस तरह उसने करीब 22 दिन में काफी रूम फ्रेशनर खाली कर दिए थे।
विकास मदान वाकर को हुई अनहोनी की आशंका
श्रद्धा के पिता विकास मदान वाकर ने बताया कि विरोध करने पर बेटी और आफताब ने अचानक मुम्बई को छोड़ दिया। बाद में पता लगा कि दोनों महरौली के छतरपुर इलाके में रहते हैं। उसके दोस्तों से बेटी की जानकारी मिलती रही। बाद में बेटी के बारे में जानकारी मिलनी बंद हो गई। श्रृद्धा के फोन पर भी संपर्क किया गया, मगर वह बंद मिला। किसी अनहोनी की आशंका के चलते वह आठ नवंबर को छतरपुर स्थित फ्लैट पर गए। वहां पर फ्लैट बंद मिला। इसके बाद उन्होंने महरौली जाकर एसीपी विनोद नारंग को शिकायत दी और एफआईआर दर्ज कराई।