दक्षिणी दिल्ली के सैदुल्लाजाब स्थित निर्माणाधीन सात मंजिला इमारत ढहने के बाद अब तक छह लोंगों की मौत हो गई है। हादसे के दूसरे दिन रविवार रात तक राहत व बचाव कार्य जारी रहा। इसमें दक्षिण जिला पुलिस ने गैर इरादतन हत्या का केस दर्ज कर जांच शुरू कर दी है। दोपहर एक महिला का शव मलबे से निकाला गया।
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राहत कार्य में जुटी टीम
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सोमवार सुबह तक चलेगा राहत-बचाव कार्य
अधिकारियों का कहना है कि राहत बचाव कार्य रविवार रात और सोमवार पूरे दिन चलेगा। मलबे के अंदर अभी लोगों के दबे होने की आशंका जाहिर की जा रही है। उधर, मुख्यमंत्री रेखा गुप्ता ने घटना स्थल का दौरा कर मामले की जिला मजिस्ट्रेट से जांच के आदेश दिए। जबकि एमसीडी ने कार्रवाई करते हुए दो इंजीनियर सस्पेंड कर दिया है।
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विलाप करते परिजन
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इनकी हो चुकी मौत
हादसे में जिन छह लोगों की मौत हुई है, उनमें राजस्थान के अलवर निवासी मेडिकल की छात्रा एकता (24), इमारत में कैंटिन संचालिका नेपाल निवासी पार्वती (35), उत्तर प्रदेश के गोंडा निवासी डॉ. रवि प्रकाश सिंह (24), बिहार के नवादा निवासी नलिन राय (23) व अलोक और कपिल (28) के रूप में हुई है। वहीं, हादसे में क्षितिज प्रताप (25 वर्ष), नीलम यादव (25 वर्ष) अनुज दीक्षित (22 वर्ष), तरुण (25 वर्ष), साइका खान (27 वर्ष), आस्था (26 वर्ष) आदित्य शर्मा (24 वर्ष) और विशाल विशाल (25 वर्ष) घायल इनका उपचार एम्स ट्रामा सेंटर में किया जा रहा है।
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बचाव कार्य में जुटी टीम
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12 लोगों को निकाला जा चुका बाहर
दक्षिणी जिले के जिला आपदा प्रबंधन प्राधिकरण (डीडीएमए) के अनुसार, शनिवार शाम 7:40 बजे लेन नंबर-5, सैदुल्लाजाब में इमारत गिरने की सूचना मिली थी। सूचना मिलते ही क्विक रिस्पांस टीम, दिल्ली पुलिस, दिल्ली अग्निशमन सेवा, एनडीआरएफ, सीएटीएस एंबुलेंस, एमसीडी और अन्य एजेंसियां मौके पर पहुंची। करीब 300-400 वर्ग गज में बनी इमारत पूरी तरह भरभराकर गिर गई। बचाव दल ने अब तक 12 लोगों को मलबे से बाहर निकाला। इनमें से आठ लोग घायल मिले, जिन्हें उपचार के लिए एम्स ट्रॉमा सेंटर और सफदरजंग अस्पताल में भर्ती कराया गया। घायलों में से तीन को प्राथमिक उपचार के बाद छुट्टी दे दी गई, जबकि पांच का इलाज जारी है।
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मलबा हटाता जेसीबी
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जर्जर इमारत पर तीन मंजिल का किया जा रहा था निर्माण...
शुरुआती जांच में सामने आया है कि लगभग 400 गज में बनी इमारत पहले से चार मंजिला बनी हुई थी। इस पर तीन मंजिला का निर्माण किया जा रहा है। इसमें दो मंजिल का निर्माण हो चुका था जबकि तीसरी यानि सातवें मंजिल का निर्माण कार्य किया जा रहा था। सूत्रों ने बताया कि इमारत की चार मंजिल जर्जर हालत में थी। ऐसे में सातवें मंजिल का भार वह नहीं संभाल पाई ऐसे में भीषण हादसा हो गया। बताया जा रहा है कि एमसीडी के अधिकारियों की मिलीभगत से अवैध निर्माण कराया जा रहा था। पूरी घटना की जांच दक्षिणी जिले के जिला मजिस्ट्रेट की तरफ से भी किया जा रहा है। वहीं, मामले में दिल्ली पुलिस ने गैर इरादतन हत्या कर केस दर्ज कर जांच शुरू की गई है। पुलिस जल्द इमारत के मालिक से पूछताछ करने की तैयारी कर रही है।