छत्रसाल स्टेडियम में चार मई की रात को सागर धनकड़ हत्याकांड में जैसे-जैसे जांच आगे बढ़ रही है, वैसे-वैसे नए तथ्य सामने आ रहे हैं। जांच के दौरान पुलिस को पता चला है कि वारदात के बाद सुशील स्टेडिम में मौजूद अपने घर में ही जाकर सो गया था। सुबह जब वह सोकर उठा तो उसने स्टेडियम के कर्मचारी को बुलाकर सागर व उसके साथियों के खिलाफ मॉडल टाउन थाने में शिकायत दे दे। लेकिन कर्मचारियों को जब थाने पहुंचने पर सागर की मौत का पता चला तो उसने सुशील को खबर दी, जिसके बाद सुशील फौरन अपने घर से फरार हो गया। फरार होते समय वह घर में लगा डीवीआर भी अपने साथ ले गया था, जिसे पुलिस अभी तक बरामद नहीं कर सकी है। डीवीआर और मोबाइल बरामद करन के लिए पुलिस लगातार सुशील को लेकर अलग-अलग जगह जा रही है। इसी सिलसिले में पुलिस उसे लेकर हरिद्वार और ऋषिकेश भी पहुंची है, हालांकि शुरू से ही पुलिस इनकार करती रही कि वह हरिद्वार नहीं गया था। आगे पढ़ें वारदात वाली रात और उसके अगले दिन क्या-क्या हुआ जिसका खुलासा पुलिस के सामने हुआ है...
सागर हत्याकांड: हमले के बाद पैर पसार कर स्टेडियम में ही सो गया था सुशील कुमार, सुबह उठते ही...
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मामले की जांच कर रहे एक अधिकारी ने बताया कि सुशील कुमार को छत्रसाल स्टेडियम में रहने के लिए मकान मिला हुआ है। चार मई की रात को सुशील व उसके साथियों ने सागर व उसके दोस्तों की बेरहमी से पिटाई की। पुलिस कॉल होने पर सुशील के साथी पिछले गेट से अपनी-अपनी गाड़ियां छोड़कर फरार हो गए। जबकि सुशील अपने घर पर जाकर सो गया। उसे गुमान भी नहीं था कि हमले की वजह से सागर की मौत हो सकती है।
अगले दिन उठाने पर सागर ने स्टेडियम के कर्मचारी को बुलाकर सागर व उसको दोस्तों के खिलाफ झगड़ा करने की एक शिकायत लिखवाई। बाद में उसे मॉडल टाउन थाने भेजा गया। वहां पहुंचने पर कर्मचारी को पता चला कि सागर की इलाज के दौरान मौत हो गई है। कर्मचारी बिना शिकायत दिए ही वहां से निकला और उसने सुशील को खबर दी।
सागर की मौत का पता चलते ही सुशील व अजय के होश उड़ गए। तुरंत दोनों उठे और उन्होंने घर पर लगे सीसीटीवी कैमरों का डीवीआर निकाल लिया। सूत्रों का कहना है कि आरोपियों ने डीवीआर का डाटा भी डिलीट कर दिया। इसके बाद सुशील, अजय और रोहित इनोवा गाड़ी से स्टेडियम से निकले। बाद में अजय व सुशील ने रोहित को रोहिणी छोड़ा और खुद हरिद्वार के लिए रवाना हो गए। वहां कथित रूप से एक बाबा के आश्रम में रुककर इन लोगों ने रात बिताई। पुलिस उसकी जांच में जुटी है।
सुशील ने हरिद्वार में ली शरण, पुलिस करती रही इनकार
हत्यारोपी पहलवान सुशील कुमार ने भी कुख्यातों की तरह उत्तराखंड को ही पनाहगाह बनाया। बताया जा रहा है कि वह कई दिनों तक हरिद्वार में रहा और किसी को भनक तक नहीं लगी। जबकि, उत्तराखंड पुलिस बार बार कर्फ्यू में सब कुछ बंद होने और पुख्ता चेकिंग का हवाला देते हुए सुशील के उत्तराखंड में होने से इनकार करती रही। अब जब सुशील ने दिल्ली पुलिस को सब कुछ बता दिया तो व्यवस्था पर सवाल उठने लाजिमी हैं। सबसे बड़ा सवाल यह है कि क्या वाकई उत्तराखंड अपराध करने के बाद छिपने के लिए सबसे सुरक्षित जगह है? यानी लंबे समय से लोग इसे अपराधियों की पनाहगाह कहते आ रहे हैं, वह दाग नहीं धुलेगा। कम से कम इस हाई प्रोफाइल केस में तो ऐसा ही कहा जा सकता है। कारण साफ है। हर तरफ बॉर्डर पर सघन चेकिंग थी तो एक सेलिब्रिटी स्पोर्ट्स मैन यहां आने में सफल कैसे हो गया। कर्फ्यू में सब आश्रम आदि बंद थे तो उसने हरिद्वार में पनाह कैसे ली?