गर्मी में 40-42 डिग्री तापमान के बीच 15.33 घंटे का लंबा रोजा सेहत पर भारी पड़ सकता है। अगर थोड़ा सा ख्याल रखा जाए तो रमजान का महीना आसानी से कट जाएगा, जिससे लोगों को अल्लाह की इबादत में कोई दुश्वारी नहीं आएगी। सेहत के प्रति सजग लोग अब डायटीशियन और फूड एक्सपर्ट से सलाह ले रहे हैं, हालांकि इनकी संख्या बहुत कम है।
तपिश के बीच रमजान में ऐसा होगा डाइट प्लान तो नहीं होगी मुसीबत
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डायटीशियन की मानें तो सहरी (सुबह के वक्त) में ऐसा क्या खाया जाए जो दिन भर के लिए मददगार हो और शाम को ऐसा क्या खाएं जो नुकसान न पहुंचाए, इन बातों पर गौर जरूरी है। सोच समझ कर खाया जाए तो रोजा रखने से सेहत को फायदा हो सकता है।
बता दें कि रोजे में सहरी से इफ्तार यानी सुबह सूरज उगने से ढलने के बीच रोजा रखने वाले कुछ नहीं खाते पीते हैं, लेकिन इसके पहले और बाद के मौके अहम हैं। जब लोग आम तौर पर परिवार एक साथ बैठ कर खाते हैं।
इफ्तार के वक्त तेल घी में डूबे खाने बेझिझक खाए जाते हैं। समोसा, पकौड़े, चिप्स और कई दूसरे पकवान, लेकिन इससे दिल को भी नुकसान हो सकता है और वजन बढ़ने का भी खतरा रहता है। डॉक्टरों की सलाह है कि रोजेदार प्रोटीन, कार्बोहाइड्रेट से भरपूर डाइट लें और एक के ऊपर एक चीज नहीं खाएं।
निजी प्रैक्टिस करने वाली डायटीशियन राशि चहल बताती हैं कि सहरी में प्रोटीन से भूरपूर खुराक ली जाए, जिससे दिन भर आप को भूख का अहसास भी न हो और कमजोरी भी महसूस न हो। फलों और हरी सब्जियों का इस्तेमाल करें क्योंकि यह धीरे-धीरे पचती हैं। पेट में खालीपन भी महसूस नहीं होगा। शरीर को तरलता भी मिलती रहेगी। कोलंबिया अस्पताल की डायटीशियन प्रियंका शौकीन कहती हैं इस महीने में पूरा जैविक चक्र बदल जाता है। इसके लिए थोड़ा परहेज जरूरी है। इफ्तार में कोल्ड ड्रिंक्स या चाय से परहेज करें। इससे प्यास बढ़ती है। इफ्तार में खजूर और फलों का अधिक इस्तेमाल करें और एकदम से पानी न पीएं।