फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
डाउनलोड करें

सब्सक्राइब करें

ऐसे चला पता तहखाने में कैद हैं 59 बच्चियां, स्कूल पहुंचे परिजन तो प्रिंसिपल ने दी खुली धमकी

Wed, 11 Jul 2018 02:06 PM IST
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली Updated Wed, 11 Jul 2018 02:06 PM IST
विज्ञापन
rabea school 59 students confined in basement principal threaten parents when they reach to talk
rabea girls school - फोटो : अमर उजाला

पुरानी दिल्ली के बल्लीमारान स्थित राबिया गर्ल्स पब्लिक स्कूल में 59 मासूम बच्चियों को उमस भरी गर्मी के बीच एक तहखाने में कैद कर रखा गया। लेकिन क्या आप जानते हैं कि बच्चों के अभिभावकों को इस बारे में कैसे पता चला और उसके बाद स्कूल प्रिंसिपल ने क्या किया।

rabea school 59 students confined in basement principal threaten parents when they reach to talk
rabea girls school - फोटो : अमर उजाला

प्राइमरी विंग में पढ़ने वाली बच्चियों को जब उनके अभिभावक छुट्टी के समय स्कूल लेने पहुंचे तब जाकर उन्हें पता चला कि उनकी बच्चियों को स्कूल ने तहखाने में कैद कर रखा है। बच्चियों को तहखाने में देख गुस्साए परिजनों ने प्रिंसिपल से बातचीत का प्रयास किया।

rabea school 59 students confined in basement principal threaten parents when they reach to talk
rabea girls school - फोटो : अमर उजाला

प्रिंसिपल के पास अभिभावक पहुंचे तो उन्होंने स्टाफ से उनको स्कूल से बाहर फिंकवाने की धमकी दी। परिजनों के सवाल पर प्रिंसिपल का कहना था कि फीस जमा न करने वाली बच्चियों को ही यहां रखा गया था। स्कूल में हंगामे की सूचना पर पुलिस भी पहुंच गई।

विज्ञापन
विज्ञापन
rabea school 59 students confined in basement principal threaten parents when they reach to talk
rabea girls school - फोटो : अमर उजाला
स्कूल प्रशासन ने अपनी सफाई में कहा कि जहां बच्चियों को रखा गया था, वह तहखाना नहीं एक्टिविटी रूम है। कमरे में हवा व लाइट की व्यवस्था है। हालांकि बच्चियों को वहां क्यों रखा गया, इस पर कोई जवाब नहीं दे पाए। कुछ परिजनों ने कहा कि उनकी एडवांस फीस जमा थी, इसके बावजूद उनकी बच्चियों को भी बंधक बनाकर रखा गया।
विज्ञापन
rabea school 59 students confined in basement principal threaten parents when they reach to talk
rabea girls school - फोटो : अमर उजाला

परिजनों बोले, दे सकते थे सूचना बच्चियों के परिजनों का कहना है कि स्कूल प्रशासन को फीस नहीं मिली थी तो परिजनों को जानकारी क्यों नहीं दी। सुबह जब परिजन बच्चियों को स्कूल लाए थे तो उन्हें तभी लौटा देना चाहिए था। बच्चियों का नाम भी काटा जा सकता था, लेकिन स्कूल ने ऐसा नहीं किया। बच्चियों को भूखा-प्यासा तहखाने में बंद कर दिया गया। परिजनों ने मांग की है कि स्कूल प्रशासन के खिलाफ सख्त कार्रवाई की जाए।

अगली फोटो गैलरी देखें
विज्ञापन

रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें Android Hindi News App, iOS Hindi News App और Amarujala Hindi News APP अपने मोबाइल पे|
Get all India News in Hindi related to live update of politics, sports, entertainment, technology and education etc. Stay updated with us for all breaking news from India News and more news in Hindi.

विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

AU ऐप में पढ़ें

Followed