तस्वीरें- पहली महिला जासूस से लेकर पहली ऑटो चालक तक, क्या आप जानते हैं इन नायिकाओं के बारे में?
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
शीला दावरे
इन महिलाओं की फेहरिस्त में देश की पहली ऑटोरिक्शा चालक शीला दावरे भी शामिल हैं। उन्होंने 1988 में रूढ़ीवादी मान्यताओं को तोड़ते हुए 12 वर्ष की उम्र में परबनी जिले से पुणे जाकर यह काम करने का साहसी फैसला लिया था। मात्र 12 रुपये लेकर वे अपने सपनों को साकार करने के लिए निकल पड़ी थीं। पुणे जाकर उन्होंने ऑटो-रिक्शा चलाना शुरू किया था। उनका नाम लिम्का बुक ऑफ रिकॉड्र्स में भी शामिल है।
दीपा करमाकर
दीपा करमाकर रियो ओलंपिक में क्वालीफाई करने वाली पहली महिला जिम्नास्ट हैं।
रजनी पंडित
महिलाओं को जासूसी करने की आदत तो होती है लेकिन उसी को अपना पेशा बनाकर रजनी पंडित ने अपने नाम के झंडे गाड़े हैं। रजनी पंडित पहली भारतीय महिला जासूस हैं। उन्होंने 57 अवॉर्ड भी जीते हैं। उन्होंने दो किताबें, 'फेसेस बिहाइंड फेसेस' और 'मायाजाल' जैसी किताबें भी लिखी हैं।
उपासना टाकू
उपासना टाकू कैशलैस पेमेंट कंपनी की नींव रखने वाली पहली महिला हैं, जिन्होंने कैशलेस इकोनॉमी का सपना देखा और वर्ष 2009 में इसे साकार करने के लिए काम शुरू किया। उपासना ई-पेमेंट प्लेटफॉर्म मोबीक्विक की सह-संस्थापक हैं।