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जेएनयू छात्रसंघ चुनाव में पहली बार दीवारों से गायब रहेंगी ये खास चीजें, रही हैं यहां की पहचान

Tue, 13 Aug 2019 06:33 PM IST
पूजा त्रिपाठी सीमा शर्मा, अमर उजाला, नई दिल्ली
सीमा शर्मा, अमर उजाला, नई दिल्ली Published by: पूजा त्रिपाठी Updated Tue, 13 Aug 2019 06:33 PM IST
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jnusu election 2019 iconic wall of jnu painted student protest says slogans were
जेएनयु की दीवार - फोटो : अमर उजाला

जेएनयू छात्रसंघ चुनाव की आहट आनी शुरू हो चुकी है। लाल दुर्ग में छात्रसंघ चुनाव का बिगुल तो नहीं बजा है, लेकिन कन्हैया के आने की खबर पर कैंपस का माहौल चुनावी रंग में रंग गया है। लाल दुर्ग में पहली बार छात्रसंघ चुनाव बनाम स्वच्छता  अभियान एक मुद्दा होगा क्योंकि, स्वच्छ भारत अभियान के तहत पहली बार दीवारों पर जेएनयू की वो खास चीज नहीं दिखेगी जिससे उसकी पहचान है।

jnusu election 2019 iconic wall of jnu painted student protest says slogans were
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स्वच्छ भारत अभियान के तहत पहली बार दीवारों पर राष्ट्रीय और अंतरराष्ट्रीय मुद्दों संग विचारधारा नहीं दिखेगी। वजह है, कैंपस की दीवारों पर पोस्टर लगाने पर अनुशासनात्मक कार्रवाई होगी। जवाहर लाल नेहरू विश्वविद्यालय कैंपस में अभी तक छात्रसंघ चुनाव को लेकर कोई गर्मजोशी नहीं दिख रही थी। कन्हैया के कैंपस में आने और छात्रों से रूबरू होने की सूचना पर लेफ्ट बनाम राइट की राजनीति शुरू हो गई है। इसकी वजह यह भी हो सकती है कि पूर्व छात्रसंघ अध्यक्ष कन्हैया ऑल इंडिया स्टूडेंट फेडरेशन (एआईसीएसफ) के कार्यकर्ता हैं, लेकिन वह जेएनयू में डेमोक्रेटिक स्टूडेंट फेडरेशन (डीएसएफ ) के कार्यक्रम में भाग लेने आ रहे हैं। कन्हैया के डीएसएफ के कार्यक्रम में शामिल होने पर राइट विंग भी तैयारियों में जुट गया है। कन्हैया का कहना है कि वे छात्रसंघ चुनाव नहीं, बल्कि डीएसएफ के कार्यक्रम में भाग लेने पहुंचेंगे।

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जेएनयु की दीवार - फोटो : अमर उजाला

आजादी, स्वतंत्रता व अधिकारों के प्रति जागरूक करती थीं दीवारें
छात्रसंघ अध्यक्ष व आइसा कार्यकर्ता एनसाई बालाजी कहते हैं कि स्कूल ऑफ इंटरनेशनल स्टडीज, स्कूल ऑफ सोशल साइंस, स्कूल ऑफ लैंग्वेज और सेंट्रल लाइब्रेरी की दीवारों पर राष्ट्रीय और अंतरराष्ट्रीय मुद्दों के अलावा आजादी, स्वतंत्रता और अधिकारों के प्रति जागरूकता संदेश भी थे। इनके माध्यम से वामपंथी छात्र संगठन प्रशासन और सरकारों की दमनकारी नीतियों के खिलाफ अपनी आवाज बुलंद करते थे। हालांकि, प्रशासन ने कैंपस को स्वच्छ भारत अभियान का नाम देकर अपनी बात कहने का जरिया भी हटा दिया है। यह सीधे-सीधे दमनकारी नीति है। जेएनयू की पहचान इन दीवारों पर लिखे नारों से थी। इन नारों से कैंपस के स्वच्छता अभियान को कोई खतरा नहीं था। 

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जेएनयु की दीवार - फोटो : अमर उजाला

एबीवीपी होर्डिंग्स से करेगा चुनाव प्रचार
एबीवीपी जेएनयू ईकाई के अध्यक्ष दुर्गेश के मुताबिक, विश्वविद्यालय प्रबंधन ने स्वच्छ भारत अभियान के तहत दीवारों पर पोस्टर चिपकाने और लिखने पर रोक लगा दी है। हालांकि, अभी तक छात्रसंघ चुनावों में दीवारों पर पोस्टर लगाकर छात्र संगठन अपनी बात रखते थे। स्वच्छ भारत अभियान का समर्थन करते हुए एबीवीपी होर्डिंग्स के माध्यम से छात्रसंघ चुनावों में अपना प्रचार करेगा। होर्डिंग्स में अपने मुद्दे रखे जाएंगे। इससे जहां दीवार व कैंपस साफ-सुथरा रहेगा वहीं, छात्रों तक अपनी बात भी रख पाएंगे। 

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30 अगस्त या 6 सितंबर को हो सकते हैं छात्रसंघ चुनाव
सूत्रों के मुताबिक, जेएनयू छात्र संगठनों ने छात्र संघ चुनाव जेएनयू एक्ट के तहत करवाने का फैसला लिया है। छात्रसंघ चुनाव को लेकर 14, 16 और 19 को पहली स्कूल जीबीएम है। इसके अलावा 30 अगस्त या  6 सितंबर को चुनाव हो सकते हैं क्योंकि, 8 सितंबर को रिजल्ट घोषित करना अनिवार्य है।
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