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Delhi NCR News: डीएनडी हादसे में युवक की मौत, परिवार को 20.57 लाख मिलेगा मुआवजा
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साकेत कोर्ट ने हादसे में ट्रक की 60 और कार की 40 फीसदी गलती मानी
संवाद न्यूज एजेंसी
नई दिल्ली। डीएनडी रोड पर सड़क किनारे खड़े ट्रक से कार की टक्कर में 27 वर्षीय विक्रांत शर्मा की मौत के मामले में साकेत कोर्ट ने उनके परिवार को 20.57 लाख रुपये मुआवजा देने का आदेश दिया है। साकेत कोर्ट की मोटर दुर्घटना दावा न्यायाधिकरण (एमएसीटी) की न्यायाधीश अदिति गर्ग ने हादसे के लिए ट्रक और कार दोनों को जिम्मेदार माना। कोर्ट ने ट्रक की 60 फीसदी और कार की 40 फीसदी गलती तय की। हादसा 17 फरवरी 2019 को सुबह करीब 4:29 बजे हुआ था। उस समय ट्रक खराब होने के कारण डिवाइडर के पास खड़ा था और उसका टायर बदला जा रहा था। ट्रक की पार्किंग लाइट और ब्लिंकर जल रहे थे।
हालांकि, पीछे से आने वाले वाहनों को सावधान करने के लिए रिफ्लेक्टिव चेतावनी त्रिकोण या अन्य जरूरी संकेत लगाए गए थे, इसका कोई पक्का सबूत नहीं मिला। इसी वजह से कोर्ट ने ट्रक को हादसे के लिए 60 फीसदी जिम्मेदार माना। वहीं, कार विक्रांत खुद चला रहे थे। कोर्ट ने कहा कि सड़क पर खड़े ट्रक को देखकर कार चालक को भी सावधानी बरतनी चाहिए थी। इसलिए कार की 40 फीसदी गलती मानी गई। हादसे में ट्रक से जुड़े प्रमोद की भी मौत हुई थी, जबकि कार सवार पूरन और ट्रक के साथ मौजूद राहुल घायल हुए थे। मामले में आदेश के पालन की रिपोर्ट के लिए 17 सितंबर 2026 की तारीख तय की गई है।
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संवाद न्यूज एजेंसी
नई दिल्ली। डीएनडी रोड पर सड़क किनारे खड़े ट्रक से कार की टक्कर में 27 वर्षीय विक्रांत शर्मा की मौत के मामले में साकेत कोर्ट ने उनके परिवार को 20.57 लाख रुपये मुआवजा देने का आदेश दिया है। साकेत कोर्ट की मोटर दुर्घटना दावा न्यायाधिकरण (एमएसीटी) की न्यायाधीश अदिति गर्ग ने हादसे के लिए ट्रक और कार दोनों को जिम्मेदार माना। कोर्ट ने ट्रक की 60 फीसदी और कार की 40 फीसदी गलती तय की। हादसा 17 फरवरी 2019 को सुबह करीब 4:29 बजे हुआ था। उस समय ट्रक खराब होने के कारण डिवाइडर के पास खड़ा था और उसका टायर बदला जा रहा था। ट्रक की पार्किंग लाइट और ब्लिंकर जल रहे थे।
हालांकि, पीछे से आने वाले वाहनों को सावधान करने के लिए रिफ्लेक्टिव चेतावनी त्रिकोण या अन्य जरूरी संकेत लगाए गए थे, इसका कोई पक्का सबूत नहीं मिला। इसी वजह से कोर्ट ने ट्रक को हादसे के लिए 60 फीसदी जिम्मेदार माना। वहीं, कार विक्रांत खुद चला रहे थे। कोर्ट ने कहा कि सड़क पर खड़े ट्रक को देखकर कार चालक को भी सावधानी बरतनी चाहिए थी। इसलिए कार की 40 फीसदी गलती मानी गई। हादसे में ट्रक से जुड़े प्रमोद की भी मौत हुई थी, जबकि कार सवार पूरन और ट्रक के साथ मौजूद राहुल घायल हुए थे। मामले में आदेश के पालन की रिपोर्ट के लिए 17 सितंबर 2026 की तारीख तय की गई है।
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