नोएडा में डंपिंग ग्राउंड के विरोध में शनिवार को आंदोलनकारी स्टेडियम से डीएम कैंप की तरफ पैदल मार्च करते हुए जा रहे थे, जैसे ही प्रदर्शनकारी सेक्टर-25 के सामने पहुंचे, तो डीएम रोड की तरफ से केंद्रीय मंत्री डॉ. महेश शर्मा का काफिला सामने आ गया।
डंपिंग ग्राउंड का विरोधः मंत्री व के सीईओ का मुखौटा पहनकर की गधे की सवारी
जैसे ही आंदोलनकारियों ने केंद्रीय मंत्री की गाड़ियों को देखा तो भड़क गए और काफिले की तरफ दौड़े। केंद्रीय मंत्री की सुरक्षा में तैनात फोर्स ने स्थिति को देखते हुए तुरंत ही काफिले की गाड़ियों को यू-टर्न करते हुए वापस ले लिया। बताते हैं कि यदि आमना-सामना होता, तो कोई घटना भी हो सकती थी, क्योंकि पैदल मार्च में ग्रामीण महिलाएं समेत गांव के पहलवान भी शामिल थे।
कचरे को लेकर तकरार लगातार बढ़ रही है। शनिवार को किसान, ग्रामीण और सेक्टर वासियों में जबरदस्त गुस्सा दिखा। सेक्टर-123 में डंपिंग ग्राउंड बनाए जाने से नाराज लोगों ने पर्थला खंजरपुर में पंचायत के बाद नोएडा स्टेडियम से डीएम कैंप कार्यालय तक पैदल मार्च किया।इस दौरान प्रदर्शनकारियों ने जनप्रतिनिधियों व प्राधिकरण के सीईओ का मुखौटा पहन गधे की सवारी कर विरोध जताया।
संघर्ष समिति के नेता सूबे यादव ने बताया कि सेक्टर-123 में बनाए गए डंपिंग यार्ड का विरोध लगातार जारी है। इस बीच शहरभर का कचरा यहां डालना शुरू कर दिया गया है। शनिवार को इसके विरोध में ग्रेटर नोएडा वेस्ट की कई सोसायटियों के अलावा आसपास के ग्रामीण और किसान संगठन एक मंच पर दिखाई दिए। पंचायत के दौरान ऐलान किया गया कि डंपिंग यार्ड को हटाने के लिए विरोध-प्रदर्शन का दौर जारी रहेगा।
‘डंपिंग यार्ड से हो सकती है बड़ी जनहानि’
भारतीय किसान संगठन के प्रदेश अध्यक्ष राजेंद्र यादव ने कहा कि डंपिंग यार्ड से बड़ी जनहानि हो सकती है, इसलिए तुरंत यहां कूड़ा डालना बंद किया जाना चाहिए। प्रदर्शनकारियों ने ‘गाजीपुर जैसे कूड़ा क्षेत्र में आपका हार्दिक स्वागत है’ जैसे स्लोगन लिखे। बैनर लेकर रैली निकाली। इस तरह के बैनर सोसाइटियों के गेट के बाहर भी लगाए गए हैं। लोगों के विरोध को देखते हुए भारी पुलिस बल मौके पर तैनात था।