साइबर सिटी में नौकरानी से मारपीट के आरोप में पुलिस ने मिस एशिया पैसिफिक रह चुकीं टीना चटवाल को शुक्रवार को गिरफ्तार किया। नौकरानी की शिकायत के आधार पर सेक्टर-53 थाना पुलिस ने कार्रवाई करते हुए दोपहर को उनके घर से गिरफ्तार किया।
मिस एशिया पैसिफिक 2002 टीना चटवाल ने बेरहमी से नौकरानी को पीटा था, पहुंची जेल
जहां से उन्हें बाद में जमानत मिल गई। पुलिस के मुताबिक, 2002 में मिस एशिया पैसिफिक का खिताब जीतने वाली टीना चटवाल डीएलएफ फेज-5 स्थित वेस्ट एंड हाईट्स में रहती हैं। उनके यहां काम करने वाली नौकरानी माया दास ने आरोप लगाया कि बृहस्पतिवार शाम को खाना पसंद न आने पर टीना ने उनके साथ मारपीट की। जिसमें दोनों को चोटें आईं। चिल्लाने की आवाज सुनकर आसपास के फ्लैट में काम करने वाली अन्य नौकरानियां उसे बचाने के लिए वहां पहुंचीं।
उसे अस्पताल में दाखिल कराया। आरोप है कि नौकरानी की ओर से पुलिस में शिकायत दिए जाने के बावजूद कार्रवाई नहीं की गई। शुक्रवार को पीड़िता के समर्थन में घरेलू कामगार यूनियन ने वेस्ट एंड हाईट्स समेत पुलिस थाने का घेराव किया। दोपहर बाद सेक्टर-53 थाना पुलिस ने कार्रवाई करते हुए टीना समेत नौकरानी को गिरफ्तार कर लिया। टीना ने भी सिविल अस्पताल के मेडिकल रिपोर्ट का हवाला देते हुए अपने साथ भी मारपीट होने का आरोप लगाया था। जिसके बाद पुलिस ने नौकरानी को भी गिरफ्तार कर लिया था। एसीपी डीएलएफ ने बताया कि एक्ट के आधार पर दोनों को डीसीपी हेडक्वार्टर के समक्ष पेश किया गया जहां से दोनों को जमानत मिल गई।
कामगार यूनियन की एकजुटता के बाद हुई गिरफ्तारी साइबर सिटी के पॉश इलाके डीएलएफ फेज-5 स्थित वेस्ट एंड हाईट्स सोसायटी में शुक्रवार को अलग ही नजारा देखने को मिला। मिस एशिया पैसिफिक टीना चटवाल द्वारा अपनी नौकरानी के साथ की गई मारपीट के बाद पीड़िता के समर्थन में सैकड़ों महिला कामगार 18 घंटे तक पुलिस कार्रवाई के लिए डटी रहीं। आखिरकार पुलिस ने कार्रवाई करते हुए टीना को गिरफ्तार कर लिया।
वेस्ट एंड हाईट्स सोसायटी में जाने माने बिजनसमैन से लेकर कई सेलीब्रिटीज और मॉडल्स रहते हैं। बृहस्पतिवार को टीना चटवाल पर नौकरानी माया दास द्वारा लगाए गए आरोपों के बाद उसके समर्थन में काफी संख्या में घरेलू सहायिका वहां पहुंच गईं। हालांकि, आसपास के लोगों ने उन पर समझौता करने का दबाव बनाया लेकिन वे नहीं झुकी। आरोप है कि देर रात ही पुलिस को सूचित किए जाने के बावजूद पुलिस ने उनकी बात नहीं सुनी।