आप ने आखिर राज्यसभा के लिए तीन नामों की घोषणा कर वरिष्ठ नेता कुमार विश्वास के साथ केजरीवाल के विश्वस्त आशुतोष को भी किनारे लगा दिया। पार्टी ने दो बाहरियों समेत तीन नामों की घोषणा की है। आइए जानते हैं उन तीन नेताओं के बारे में जिन्हें आप ने दिया राज्य सभा का टिकट...
ये हैं 'आप' के 3 राज्य सभा उम्मीदवार, जानिए इनके बारे में सबकुछ
मिलिये आप के तीन राज्यसभा उम्मीदवारों से
अमर उजाला ब्यूरो
नई दिल्ली।
संजय सिंह (46)
आप के संस्थापक सदस्य हैं। जनलोकपाल आंदोलन के दौरान अहम भूमिका अदा की थी। आप की राजनीतिक मामलों की समिति (पीएसी), राष्टीय कार्यकारिणी और राष्ट्रीय परिषद के सदस्य, उत्तर प्रदेश व बिहार के पार्टी प्रभारी व राष्ट्रीय प्रवक्ता हैं। इससे पहले उन्होंने पंजाब में बतौर संयोजक आप का संगठन तैयार करने में अहम भूमिका अदा की थी। दिल्ली में चुनाव प्रचार अभियान भी संजय सिंह ने संभाला था। सियासत में आने से पहले मेकेनिकल इंजीनियर संजय सिंह ने उत्तर प्रदेश के सुलतानपुर जिले में 1994 में ‘आजाद समाज समिति’ नामक संस्था का गठन कर सार्वजनिक जीवन में इंट्री की थी। वह अरविंद केजरीवाल के संपर्क में उस वक्त आए, जब केजरीवाल ने आरटीआई आंदोलन के तहत ‘घूस को घूंसा’ मुहिम चलाई थी। उनकी उम्मीदवारी पर आप के भीतर व बाहर किसी को कोई आपत्ति नहीं है।
सीए नारायण दास गुप्ता (72)
चार्टर्ड अकाउंटेंट एनडी गुप्ता आईसीएआई के अध्यक्ष रह चुके हैं। बोर्ड ऑफ इंटरनेशनल फेडरेशन ऑफ अकाउंटेंट्स, यूएसए में भी उन्होंने काम किया। बीकॉम (आनर्स) की डिग्री उन्होंने श्रीराम कालेज ऑफ कॉमर्स से ली। इसके बाद कई जगह उनके शोध पत्र प्रकाशित हुए। वह आरबीआई, सीएंडएजी, पीएफआरडीए, आईआरडीए, सेबी से भी जुड़े रहे हैं। 2015-18 तक नेशनल पेंशन फंड सिस्टम और पेंशन फंड रेग्यूलेटरी एंड डेवलपमेंट अथॉरिटी के ट्रस्टी के तौर पर काम किया। साल 2001-02 में वे आईसीएआई अध्यक्ष, 2002-03 में आरबीआई की सलाहकार संस्था के चेयरमैन, 2001-02 में भारत सरकार के इंश्योरेंस रेग्यूलेटरी एंड डेवलपमेंट अथॉरिटी बोर्ड में सदस्य और 2000-01 में इंटरनेशनल अकाउंटिंग स्टेंडर्ड कमेटी में बोर्ड सदस्य थे। बीते करीब डेढ़ सालों से आप की फंडिग का काम देख रहे हैं।
डॉ. सुशील गुप्ता (56)
पूर्व कांग्रेसी नेता सुशील गुप्ता की पहचान सामाजिक कार्यकर्ता के तौर पर भी रही है। दिल्ली के पांच स्कूलों के साथ उनके हरियाणा-पंजाब में भी पांच-पांच स्कूल हैं। वहीं, हरियाणा में पांच इंजीनियरिंग एंड टेक्नोलॉजी कालेज भी है। उन्होंने करीब 15000 बच्चों को मुफ्त में शिक्षा दिलायी है। दिल्ली, पंजाब, यूपी और हरियाणा में विभिन्न सामाजिक, सांस्कृतिक और धार्मिक संगठनों के सदस्य हैं। दिल्ली विश्वविद्यालय में लॉ छात्र यूनियन के अध्यक्ष पद पर चुने जाने के अलावा उन्होंने 2013 के दिल्ली विधानसभा चुनाव में मोतीनगर विधानसभा क्षेत्र से कांग्रेस के टिकट पर चुना लड़ा था। करीब सवा महीने पहले उन्होंने कांग्रेस से इस्तीफभा डदे दिया था।
कपिल मिश्रा ने साधा आप नेतृत्व पर निशाना
राज्य सभा उम्मीदवारों का नाम सार्वजनिक होने के बाद दिल्ली सरकार के पूव मंत्री कपिल मिश्रा ने अरविंद केजरीवाल पर हमला बोला। कपिल मिश्रा ने सीट बेचने का भी आरोप लगाया। साथ ही बृहस्पतिवार सुबह 9 बजे राजघाट पर मौन व्रत व उपवास पर बैठने का एलान किया। कपिल मिश्रा ने कहा कि एक तरफ ये बड़े बड़े पैसे वाले राज्य सभा के लिए नामांकन करेंगे दूसरी तरफ आंदोलन का एक कार्यकर्ता बापू की समाधि पर विरोध दर्ज कराएगा। तारीख गवाह रहे कि आंदोलन की हत्या का पर हर कोई चुप नहीं बैठा था। बकौल मिश्रा, अरविंद केजरीवाल ने बाहर से लोगों को लाकर उम्मीदवार घोषित किए हैं। पार्टी में जो अन्ना आंदोलन के समय से साथ रहे, साथ ही आम आदमी पार्टी बनने और बनने के बाद पार्टी के लिए समर्पित रहे मजबूत कार्यकर्ताओं को ही उन्होंने दरकिनार कर दिया। कपिल मिश्रा का आरोप है कि राज्यसभा सीटें बेच दी गयी हैं। आप में रहने के दौरान उन्होंने कभी भी एनडी गुप्ता को पार्टी की गतिविधियों में शामिल होते नहीं देखा था और नही वह किसी भी कार्यकर्ता से मिले थे। उम्मीदवारों पर तंज कसते हुये कपिल मिश्रा ने कहा कि आज दिल्ली के गधे हंस रहे हैं।