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दिल्ली के कई इलाकों में लगाए गए बोर्ड, लिखा- इस घर से दूर रहे...सभी कोरोना संदिग्ध

Tue, 24 Mar 2020 12:38 AM IST
Vikas Kumar परीक्षित निर्भय, अमर उजाला, नई दिल्ली
परीक्षित निर्भय, अमर उजाला, नई दिल्ली Published by: Vikas Kumar Updated Tue, 24 Mar 2020 12:38 AM IST
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Posters placed outside the house of suspected corona patients in Delhi
घर के बाहर लगाए गए पोस्टर - फोटो : अमर उजाला

इस घर से कृपया दूर रहें। यहां के सभी लोग कोविड-19 के कारण क्वारंटीन हैं। अगले 15 दिन तक ये न किसी से मिल सकेंगे और न ही इनसे कोई मिलेगा। ये सभी कोरोना संदिग्ध हैं। घर से दूर रहने में ही भलाई है। ये चेतावनी दिल्ली के हर उस घर के बाहर लिखी जा रही है, जिसमें कोरोना संदिग्ध इन दिनों क्वारंटीन पर हैं।



तीन दिन के भीतर दिल्ली में 50 फीसदी बढ़े कोरोना वायरस को रोकने के लिए दिल्ली सरकार ने यह कदम उठाया है। दिल्ली पुलिस और जिला प्रशासन की मदद से हर घर के बाहर यह बोर्ड लगाया जा रहा है, ताकि कोरोना संदिग्धों को समाज से अलग रखा जा सके।
 

Posters placed outside the house of suspected corona patients in Delhi
घर के बाहर लगाया गया पोस्टर - फोटो : अमर उजाला

दरअसल कोरोना वायरस को लेकर सरकार लगातार लोगों को सतर्क रहने की सलाह दे रही है, लेकिन पिछले कुछ दिन में ये देखने को मिला है कि मरीज अस्पताल से भाग गए। संदिग्धों के संपर्क में आने से एक नहीं, बल्कि सैकड़ों लोगों पर संक्रमण के बादल मंडराने लगे। दिलशाद गार्डन का एल ब्लॉक इसका सबसे बड़ा उदाहरण है। वहां एक कोरोना ग्रस्त महिला ने 70 से ज्यादा लोगों से संपर्क किया, जोकि सभी इस वक्त क्वारंटीन पर हैं।

रविवार को उत्तर-पश्चिमी दिल्ली के कई इलाकों खासतौर पर अशोक विहार में घरों के बाहर बोर्ड लगाए हैं। बोर्ड पर घर के मालिक का नाम है। क्वारंटीन रहने का समय कब से कब तक लिखा है। साथ ही बोर्ड पर ये भी लिखा है कि इस परिवार में कितने लोग क्वारंटीन पर हैं।
 

Posters placed outside the house of suspected corona patients in Delhi
घर के बाहर लगाया गया पोस्टर - फोटो : अमर उजाला

सामाजिक भ्रांतियों के शिकार हो सकते हैं ये परिवार
डॉक्टरों का कहना है कि भले ही दिल्ली सरकार ने एहतियात के तौर पर ऐसा किया है लेकिन आगे चलकर ये लोग सामाजिक भ्रांतियों के शिकार हो सकते हैं। मनोरोग विशेषज्ञ डॉ. विवेक पांड्या बताते हैं कि कोरोना वायरस को लेकर वैसे ही लोगों में अफवाहों का दौर चल रहा है। ऐसे में संदिग्धों के घर पर बोर्ड लगाने का मतलब है कि बाद में इन लोगों को कहीं अलग-थलग न कर दिया जाए। एम्स के डॉक्टर मनोज बताते हैं कि जरूरी है कि सरकार को बोर्ड लगाने के अलावा ये भी जागरूकता करनी चाहिए कि क्वारंटीन के बाद ये लोग सुरक्षित हैं, इनसे घबराएं नहीं।

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Posters placed outside the house of suspected corona patients in Delhi
पोस्टर लगाते पुलिस अधिकारी - फोटो : अमर उजाला

दिल्ली में 5 हजार घर क्वारंटीन में
दिल्ली स्वास्थ्य विभाग के एक वरिष्ठ अधिकारी ने बताया कि 18 से 21 मार्च के बीच दिल्ली में सबसे ज्यादा कोरोना पॉजिटिव मामले सामने आए हैं। अब तक करीब 11 हजार दिल्ली वासियों को क्वारंटीन किया जा चुका है। करीब 5 हजार घर क्वारंटीन हैं। अप्रैल माह के पहले सप्ताह तक ये सभी लोग होम क्वारंटीन पर रहेंगे।

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Posters placed outside the house of suspected corona patients in Delhi
पोस्टर लगाती स्वास्थ्य अधिकारी - फोटो : अमर उजाला

घबराने की जरूरत नहीं : स्वास्थ्य विभाग
स्वास्थ्य विभाग के अनुसार, सर्विलांस टीम ने कोरोना वायरस को रोकने के लिए घरों के बाहर ये बोर्ड लगाए हैं। इनसे घबराने की जरूरत नहीं है। हमारा बस यही उद्देश्य है कि कोरोना संदिग्ध लोगों से बाकी अलग रहें, ताकि इस वायरस को फैलने से रोका जा सके।

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