वायु प्रदूषण के गंभीर खतरे को झेल रही राजधानी ने सुप्रीम कोर्ट की चेतावनी के बाद भी दीपावली की रात जमकर पटाखे चलाए। इसका सीधा असर दिल्ली-एनसीआर के प्रदूषण पर हुआ और कई जगहों पर वायु गुणवत्ता सूचकांक गंभीर श्रेणी में दर्ज किया गया। दिवाली की रात पंजाबी बाग में 12 बजे के करीब वायु गुणवत्ता सूचकांक 1234 और औसत स्तर 687 रिकॉर्ड किया गया। इसी प्रकार पश्चिम विहार में रिकॉर्ड 1124 अंक पर वायु प्रदूषण दर्ज किया गया। विशेषज्ञोंं के मुताबिक प्रदूषण का यह स्तर किसी के लिए भी जानलेवा साबित हो सकता है।
गाजियाबाद, आनंद विहार, पंजाबी बाग में 'काली' रही दिवाली, प्रदूषण रिकॉर्ड हजार अंक के पार पहुंचा
एयर क्वालिटी इंडेक्स की आधिकारिक वेबसाइट के मुताबिक अपेक्षाकृत पॉश कॉलोनी हौजखास में रात 12 बजे प्रदूषण का स्तर 597 दर्ज किया गया तो औसत वायु गुणवत्ता सूचकांक 465 अंक दर्ज किया गया। इसी प्रकार ग्रीन पार्क में वायु गुणवत्ता सूचकांक 722, सिविल लाइंस में 560, ओखला में 652 और वसंत कुंज में अधिकतम 520 दर्ज किया गया। इसी प्रकार आनंद पर्वत पर अधिकतम प्रदूषण स्तर 540, द्वारका सेक्टर 10 में 508, आईपी एक्सटेंशन में 722, जनकपुरी में 656 दर्ज किया गया।
एनसीआर भी रहा आगे
हापुड़ के आनंद विहार में भी वायु गुणवत्ता सूचकांक रिकॉर्ड 1124 अंक दर्ज किया गया। गाजियाबाद और नोएडा सेक्टर 62 के आसपास भी प्रदूषण का स्तर रिकॉर्ड 1234 अंक पर दर्ज किया गया। यहां औसत प्रदूषण स्तर भी 658 अंक दर्ज किया गया। इसी प्रकार करनाल में भी प्रदूषण स्तर अपने गंभीरतम श्रेणी में दर्ज किया गया।
पुलिस ने की कार्रवाई
हालांकि, इसी बीच प्रदूषण पर लगाम लगाने के लिए दिल्ली पुलिस ने जबरदस्त मुहिम चलाई और अनेकों लोगों को पटाखों की बिक्री और चलाने के आरोप में एफआईआर दर्ज किया। दिल्ली पुलिस से मिली जानकारी के अनुसार अब तक 54 मामले दर्ज किये गए हैं। ऐसे मामलों में कम से कम 55 लोगों को गिरफ्तार भी किया गया है।
लोगों के स्वास्थ्य पर असर
दिल्ली आयुष विभाग के चेयरमैन डॉक्टर प्रदीप अग्रवाल के अनुसार प्रदूषण का यह स्तर दमा, सांस के मरीजों के साथ-साथ हृदय रोगियों के लिए जानलेवा साबित हो सकता है। लोगों में मतिभ्रम, आंखों में जलन, सांस लेने में कठिनाई का अनुभव हो सकता है। इस हालात में लोगों को सलाह है कि वे बिना बेहद आवश्यक हुए घर से बाहर न निकलें। घर से बाहर निकलते समय मास्क का प्रयोग अवश्य करें।