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जेएनयू हिंसा : पुलिस को नहीं मिली 3 जनवरी की फुटेज, तोड़फोड़ वाली जगह पर नहीं लगे थे सीसीटीवी कैमरे

Thu, 23 Jan 2020 08:15 AM IST
अवधेश कुमार पुरुषोत्तम वर्मा, नई दिल्ली
पुरुषोत्तम वर्मा, नई दिल्ली Published by: अवधेश कुमार Updated Thu, 23 Jan 2020 08:15 AM IST
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Police did not get footage of 3 January in jnu violence
jnu violence - फोटो : अमर उजाला
जेएनयू हिंसा मामले में दिल्ली पुलिस को 3 जनवरी की सीसीटीवी फुटेज नहीं मिली है। छात्रसंघ अध्यक्ष आइशी घोष और अन्य आरोपियों पर 3 जनवरी को जहां तोड़फोड़ का आरोप है, वहां सीसीटीवी कैमरे ही लगे हुए नहीं हैं। अपराध शाखा के अधिकारियों के मुताबिक, तोड़फोड़ सर्वर रूम के पीछे की तरफ हुई, जबकि सीसीटीवी कैमरे आगे की तरफ लगे हैं।
Police did not get footage of 3 January in jnu violence
jnu violence - फोटो : Social Media
अपराध शाखा की एसआईटी के प्रमुख डा. जॉय टर्की ने कहा था कि रजिस्ट्रेशन का विरोध 28 अक्तूबर से हो रहा था। 3 जनवरी को छात्रसंघ अध्यक्ष आइशी घोष कुछ साथियों के साथ सर्वर रूम पहुंचीं और तोड़फोड़ की। छात्रों ने सिक्योरिटी गार्ड के साथ धक्का-मुक्की की। इस पर जेएनयू प्रशासन की शिकायत पर वसंत कुंज (नॉर्थ) थाने में एफआईआर नंबर तीन दर्ज की गई थी।
Police did not get footage of 3 January in jnu violence
jnu violence - फोटो : Social Media
हालांकि, अब जेएनयू प्रशासन 3 जनवरी को पुलिस को शिकायत देने की बात से इनकार कर रहा है। अपराध शाखा के अधिकारियों के अनुसार, पुलिस को 3 जनवरी को हुई तोड़फोड़ के कोई साक्ष्य नहीं मिले हैं। 
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Police did not get footage of 3 January in jnu violence
JNU - फोटो : अमर उजाला
एसआईटी अब सर्वर से मिले डाटा से पता कर रही है कि 4 व 5 जनवरी को जेएनयू में लगे कौन-कौन से सीसीटीवी कैमरे काम कर रहे थे और कौन-कौन से नहीं। एसआईटी को 5 जनवरी की जेएनयू के गेटों की सीसीटीवी फुटेज मिल जाती है तो पुलिस को बड़ा साक्ष्य मिल जाएगा। इससे आसानी से पता चल जाएगा कि बाहरी युवक कौन से गेट से, कैसे और कितने बजे जेएनयू के अंदर गए थे। 
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Police did not get footage of 3 January in jnu violence
जेएनयू हिंसा के विरोध में छात्रों का प्रदर्शन - फोटो : अमर उजाला
दूसरी तरफ, दिल्ली पुलिस ने बुधवार को दो गवाह छात्रों से पूछताछ की। इन्होंने हिंसा मामले के किसी भी आरोपी को पहचानने से इनकार कर दिया। उधर, सोशल मीडिया पर वायरल वीडियो में जिस नकाबपोश लड़की को पुलिस ने कोमल शर्मा के रूप में पहचाना था, एसआईटी उसका पता अब तक नहीं लगा पाई है।
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