PICS : पति की सरपंची बचाने के लिए पत्नी घर ले आई सौतन
पंचायत चुनाव में राज्य सरकार द्वारा शैक्षणिक योग्यता लागू करने की पहल कैसे-कैसे गुल खिलाएगी, किसी ने यह सोचा तक नहीं होगा। पति (आयु 45 वर्ष) कीसरपंची की विरासत बचाने के लिए पहली पत्नी ने ही पति का दूसरा ब्याह करा डाला। वह अपने पति के लिए पढ़ी लिखी सौतन ले आई, जिसे अब चुनाव लड़ाया जाएगा।
PICS : पति की सरपंची बचाने के लिए पत्नी घर ले आई सौतन
यह मामला मेवात जिले के पुन्हाना खंड में सबसे ज्यादा आबादी वाले गांव सिंगार के निवर्तमान सरपंच हनीफ से जुड़ा है। उनकी पत्नी जाहिरा ने अपने पति की सरपंची बचाने के लिए उनकी दूसरी शादी का फैसला लिया। वह चार माह पहले ही अपने पति के लिए आठवीं पास सौतन ब्याह कर लाई है, यह हनीफ से उम्र में 14 साल छोटी है। वर्ष 2010 में निवर्तमान सरपंच हनीफ ने तैयब हुसैन को 965 वोटों से हराया था।
PICS : पति की सरपंची बचाने के लिए पत्नी घर ले आई सौतन
इस बार गांव के सरपंच का पद महिला के लिए आरक्षित हो जाने से हनीफ की विरासत खटाई में पड़ गई थी। हनीफ के परिवार में भी कोई महिला चुनाव लड़ने की योग्यताओं को पूरा नहीं कर रही थी। आखिरकार अपने पति की विरासत को बचाने के लिए निवर्तमान सरपंच की पत्नी जाहिरा सामने आई और पति के लिए फिरोजपुर झिरका खंड के गांव कौलगांव से आठवीं पास साजिदा से शादी कराकर अपनी सौतन बना लिया।
PICS : पति की सरपंची बचाने के लिए पत्नी घर ले आई सौतन
अमर उजाला से बातचीत में हनीफ की पहली पत्नी जाहिरा ने बताया कि वह अनपढ़ है और परिवार में कोई भी महिला चुनाव लड़ने के योग्य नहीं हैं। पिछले कार्यकाल में उसके पति ने गांव में अच्छे काम कराए थे, जिसकी वजह से उनके पति दोबारा सरपंच बन सकते हैं। जाहिरा का कहना है कि वह साजिदा को छोटी बहन मानकर घर में खुशी-खुशी रहेगी।
PICS : पति की सरपंची बचाने के लिए पत्नी घर ले आई सौतन
साजिदा का कहना है कि उसकी आयु अभी 31 साल की है। उसकी दस साल पहले पलवल जिले के गांव कोट में मुस्तकीम के साथ शादी हुई थी। शादी के बाद उसके तीन बच्चे भी हुए लेकिन करीब तीन साल पहले उसके पति की सड़क हादसे में मौत हो गई। घर में कोई कमाने वाला नहीं था इसी वजह से ससुराल वालों ने उसे भगा दिया।