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बुराड़ी कांड के एक साल की कहानी, घर में रहने वाले दो युवकों की जुबानी

Mon, 01 Jul 2019 02:15 PM IST
पूजा त्रिपाठी न्यूज डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली Published by: पूजा त्रिपाठी Updated Mon, 01 Jul 2019 02:15 PM IST
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One year of burari case: two brothers leaves in chundawat house says spirits do emerge here
- फोटो : अमर उजाला

पिछले साल अक्तूबर में जब दो कारपेंटर भाई दिल्ली के बुराड़ी के एक घर में रहने आए थे तो उस घर के पड़ोसियों को बहुत आश्चर्य हुआ था। कई लोगों ने तो उन्हें वहां रहने से भी मना किया। वह इसलिए क्योंकि यह वही घर था जिसमें करीब एक साल पहले 1 जुलाई के दिन एक ही परिवार के 11 लोगों का शव फंदे से लटका पाया गया था जिसने न सिर्फ देश को बल्कि पूरी दुनिया को हिला कर रख दिया था। आइए जानते हैं एक साल बाद बुराड़ी के उस घर का कैसा है हाल, और क्या कहते हैं इस घर में बीते अक्तूबर से रह रहे दो भाई...

One year of burari case: two brothers leaves in chundawat house says spirits do emerge here
- फोटो : अमर उजाला

आज यानी 1 जुलाई के दिन बुराड़ी कांड की पहली बरसी है। पुलिस रिपोर्ट के अनुसार चंडावत परिवार के 11 लोग एक कर्मकांड करते हुए अपनी जान गंवा बैठे थे। इस हादसे के बाद से अब तक इस घर के भूतिया होने, यहां आत्माओं के रहने की अफवाह उड़ती रही है। हालांकि इन सारी अफवाहों का यहां रहने वाले दो कारपेंटर भाइयों अहमद अली और अफसर अली पर कोई फर्क नहीं पड़ा। ये दोनों ही पिछले अक्तूबर से यहां रह रहे हैं। आगे जानिए क्या कहते हैं यहां रहने वाले दोनों भाई...

One year of burari case: two brothers leaves in chundawat house says spirits do emerge here
वो ग्रिल जिससे झूले घर के सदस्य - फोटो : सोशल मीडिया

तीस साल के अहमद जो चंडावत परिवार 8 साल से जुड़े हैं, उनसे अगर कोई पूछता है कि वो दोनों भाई आखिर इस घर में क्यों रह रहे हैं तो वह बहुत ही साफगोई से एक जवाब देते हैं। अहमद कहते हैं, 'अगर कोई मुझसे ये सवाल करता है, तो मैं उनसे पूछता हूं कि उनके परिवार में अगर किसी की मौत हो जाती है तो क्या वो घर खाली कर देते हैं। लोग हमारे यहां रहने के फैसले पर बड़ी हैरानी जताते हैं। मैंने देखा है कि कई लोगों को जब पता चलता है कि हम यहां रहते हैं तो वह हमसे दूर हो जाते हैं।'

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One year of burari case: two brothers leaves in chundawat house says spirits do emerge here
burari death case - फोटो : अमर उजाला

अली बंधु इस घर में तब से रह रहे  हैं जब से ये घर चंडावत परिवार के एकमात्र जिंदा बचे शख्स दिनेश चंडावत को 14 अक्तूबर के दिन मिला था। दिनेश चंडावत का परिवार घर मिलने के बाद यहां दो रातों तक रहा था। इसके बाद उन्होंने अली बंधुओं से इसमें रहने का आग्रह किया था और तब से ही ये दोनों यहां रह रहे हैं। दिनेश बुराड़ी स्थित अपने इस घर का दौरा कुछ हफ्तों में करते रहते हैं। उन्होंने कहा, मुझे उनसे कोई किराया नहीं चाहिए था। उनका यहां रहना ही सारी अफवाहों को खत्म कर देगा कि यह घर भूतिया है। पिछले महीने मैं करीब एक हफ्ते यहां रहा था।

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One year of burari case: two brothers leaves in chundawat house says spirits do emerge here
burari death case - फोटो : अमर उजाला

बुराड़ी वाले घर में अली बंधुओं की कुछ शुरुआती रातें
अहमद अली और अफसर अली ने अपनी पहली रात उस कमरे में गुजारी थी जिसमें घर की सबसे बुजुर्ग महिला नारायणी देवी का शव अलमारी से लटका मिला था। हालांकि बाद में दोनों भाइयों ने इस तीन मंजिला मकान का अन्य बेडरूम ले लिया। अहमद बताते  हैं कि, 'जब हमने इस घर में रहना शुरू किया तो कुछ हफ्तों तक तो हमें ये बात थोड़ी डराती और सिहराती थी कि उन 11 लोगों को जिन्हें हम कितने समय से जानते थे उनकी मौत इसी घर में हुई है। लेकिन बाद में सब ठीक हो गया और अब ये घर हमारे लिए किसी अन्य घर की तरह है।' अहमद इस घर के ग्राउंड फ्लोर पर स्थित दुकान में कारपेंटर का काम करते हैं।

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