{"_id":"5bfe02abbdec2241836bad97","slug":"one-student-died-in-road-accident-at-north-delhi","type":"photo-gallery","status":"publish","title_hn":"यूपीएससी का छात्र रमन बोला-'वैभव की जिंदगी नहीं बचा पाया, भगवान मुझे कैसे माफ करेगा', देखें तस्वीरें","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
यूपीएससी का छात्र रमन बोला-'वैभव की जिंदगी नहीं बचा पाया, भगवान मुझे कैसे माफ करेगा', देखें तस्वीरें
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, दिल्ली
Updated Wed, 28 Nov 2018 08:21 AM IST
विज्ञापन
मौके पर पलटी पड़ी गाड़ी
- फोटो : अमर उजाला
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
देश की राजधानी दिल्ली में तिमारपुर इलाके में स्कूल वैन और ऑटो की जब टक्कर हुई, तो उस समय धीरपुर आईटीआई के पास यूपीएससी की कोचिंग लेकर छात्र रमन वहां से निकल रहा था। रमन ने कहा कि उसे बेहद अफसोस है कि वह वैभव को समय पर अस्पताल नहीं पहुंचा पाया। उसकी जिंदगी नहीं बचा पाया, भगवान मुझे कैसे माफ करेगा, मेरी गलती है। रमन ने बताया कि उसने देखा गोल चक्कर के पास स्कूल वैन पलटी थी। वहां से बच्चों के चीखने-चिल्लाने की आवाजें आ रही थीं। वह फौरन वहां पहुंचा, तो देखा कि वैभव के सिर से बहुत खून निकल रहा था। उसने अपना रुमाल वैभव के सिर पर बांध दिया।
हादसे के बाद विलाप करते परिजन
- फोटो : अमर उजाला
रमन राहगीर की मदद से बाइक पर वैभव को लेकर नजदीकी अस्पताल की ओर भागा। रास्ते में रमन वैभव से बातचीत करता रहा, वैभव भी मां को याद करते हुए रमन से बात करता रहा। निरंकारी अस्पताल ले जाने पर वहां डॉक्टरों ने उसकी हालत गंभीर बताते हुए फौरन उसे ट्रॉमा सेंटर ले जाने के लिए कहा। निरंकारी अस्पताल की एंबुलेंस से रमन फौरन वैभव को ट्रॉमा सेंटर लेकर पहुंचा। रास्ते में वैभव बेहोश हो गया। डॉक्टरों ने अस्पताल पहुंचने पर उसे मृत घोषित कर दिया।
परिजनों का रो-रोकर बुरा हाल
यूपीएससी का छात्र रमन
- फोटो : अमर उजाला
वैभव की मौत की खबर के बाद से परिजनों का रोते-रोते बुरा हाल है। मूलरूप से सिवान के रहने वाले वैभव के पिता दिल्ली पुलिस में एएसआई हैं। 9 नवंबर से वैभव की मां अनीता यादव ढाई साल के बेटे विराट को लेकर छठ के लिए बिहार में अपने गांव गई हुई है। मंगलवार को उनका दिल्ली वापस आने के लिए टिकट बुक कराया जाना था। पड़ोसी अमृत ने बताया कि हादसे की जैसे ही अनीता को सूचना दी गई, उसके बाद से उनका रोते-रोते बुरा हाल है।
विज्ञापन
विज्ञापन
नियमों को ताक पर रखकर चल रही थी वैन
हादसे के बाद विलाप करते परिजन
- फोटो : अमर उजाला
जिस वैन में रोजरी स्कूल के बच्चे सवार थे, वह न तो स्कूल की अधिकृत वैन थी और न ही उस पर पीली पट्टी लगी थी। राहगीर वैन चालक पर भी अपना गुस्सा उतार रहे थे। मौके पर मौजूद शख्स सुनील ने बताया कि वैन चालक बच्चों को जानवरों की तरह वैन में ठूंस लेते हैं। ज्यादातर वैन चालक एक से अधिक स्कूलों के बच्चों को लाते ले जाते हैं। ऐसे में जल्दबाजी के चक्कर में हादसे हो जाते हैं।
विज्ञापन
वैन में सवार थे ये बच्चे
मौके पर पलटा टैंपो
- फोटो : अमर उजाला
वैभव कुमार (मृत)
औसीन (घायल)
हर्ष (घायल)
गरिमा उर्फ खुशी (घायल)
निवेदिता (घायल)
संस्कृति (घायल)
पार्थ (घायल)
मोहसिन (घायल)
सार्थक (घायल)
सांवी शर्मा (घायल)
(सभी बच्चों की उम्र 7 साल से 13 के बीच है)