हवा की गति मंद पड़ने और धुंध की मोटी चादर छाने की वजह से दिल्ली-एनसीआर में हवा की गुणवत्ता बहुत खराब श्रेणी में बनी हुई है। हवा की धीमी रफ्तार से प्रदूषण के कणों को बिखरने का मौका नहीं मिल रहा है। मंगलवार को दिल्ली का वायु गुणवत्ता सूचकांक (एक्यूआई) 352 यानी बहुत खराब श्रेणी में रिकॉर्ड किया गया जबकि राष्ट्रीय राजधानी के भीतर आठ स्थानों पर हवा की गुणवत्ता गंभीर श्रेणी में रिकॉर्ड की गई।
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दिल्ली वायु प्रदूषण
- फोटो : अमर उजाला
सीपीसीबी के मुताबिक द्वारका सेक्टर 8, जहांगीरपुरी, मुंडका, नरेला, नेहरू नगर, रोहिणी, आनंद विहार और वजीरपुर की हवा की गुणवत्ता गंभीर श्रेणी में रहीं। वहीं, दिल्ली के 23 स्थानों पर हवा बहुत खराब श्रेणी में रिकॉर्ड की गई।
सामान्य से चार गुना ज्यादा पीएम कण
दिल्ली-एनसीआर की हवा में पर्टिकुलेट मैटर 10 का स्तर 394 माइक्रोग्राम प्रति घन मीटर जबकि पीएम 2.5 का स्तर 211 माइक्रोग्राम प्रति घन मीटर रिकॉर्ड किया गया। पीएम 10 का सामान्य स्तर 100 और पीएम 2.5 का सामान्य स्तर 60 माइक्रोग्राम प्रति घन मीटर होता है। दोनों ही अपने मानकों से चार गुना ज्यादा हैं।
सर्वाधिक प्रदूषित गाजियाबाद
सीपीसीबी के मुताबिक एनसीआर क्षेत्र में गाजियाबाद सर्वाधिक प्रदूषित रिकॉर्ड किया गया। मंगलवार को यहां एक्यूआई गंभीर श्रेणी के बहुत करीब 391 रिकॉर्ड किया गया। वहीं, ग्रेटर नोएडा, गुरुग्राम, फरीदाबाद और नोएडा का एक्यूआई क्रमश: 358, 322, 386, 383 रिकॉर्ड किया गया।
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दिवाली के बाद दिल्ली की हवा बेहद खराब हो गई है
हवा की गति पड़ी मंद
मौसम विभाग के मुताबिक मौसम और हवा प्रदूषण को बढ़ाने वाली है। छह हजार वर्ग मीटर प्रति सेकंड की रफ्तार वाली हवा प्रदूषण कणों को बिखरने में सहायक होती है जबकि इस वक्त हवा की गति 1500 वर्ग मीटर प्रति सेकंड है। वहीं, केंद्रीय एजेंसी सिस्टम ऑफ एयर क्वालिटी एंड वेदर फोरकास्टिंग (सफर) के मुताबिक हवा की गुणवत्ता अगले दो से तीन दिन बहुत खराब श्रेणी में ही बनी रहेगी।