जून का यह वही महीना है, जब साल 1975 में भारत ने इतिहास का सबसे काला दौर देखा था। उस वक्त देश की पहली महिला प्रधानमंत्री इंदिरा गांधी का राज था। इंदिरा को भारतीय राजनीतिक इतिहास की सबसे सख्त प्रशासकों में से एक माना जाता है। लेकिन किसी को इस बात की उम्मीद नहीं थी कि एक महिला प्रधानमंत्री रातों-रात ऐसा ऐलान कर देंगी जिसे आजादी के बाद देश के इतिहास में काले दिन के तौर पर याद किया जाएगा। असल में इंदिरा गांधी ने 25 जून 1975 को देश में आपातकाल की घोषणा की थी। ये बात तो सभी जानते हैं लेकिन उन्हें इस फैसले के लिए मजबूर करने वाली परिस्थितियों के बारे में कम ही लोगों को पता है। हम आपको बता रहे हैं उस एक फैसले के पीछे का पूरा सच जिसने बेहद सख्त कही जाने वाली देश की पहली महिला प्रधानमंत्री को देश पर इमरजेंसी लागू करने के लिए मजबूर कर दिया...
1975 की इमरजेंसी के पीछे था इंदिरा गांधी का अपना एक स्वार्थ, जानिए क्या?
टीम डिजिटल/अमर उजाला, नई दिल्ली
Updated Wed, 21 Jun 2017 10:44 AM IST
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