दिल्ली के स्वास्थ्य मंत्री मंत्री सत्येन्द्र जैन द्वारा आम आदमी पार्टी के पूर्व नेता कपिल मिश्रा के खिलाफ दायर की गई मानहानि की याचिका पर सुनवाई करते हुए अदालत ने कपिल मिश्रा को समन किया है। इस याचिका में कपिल मिश्रा पर मंत्री के प्रति अपमानजनक शब्दों का प्रयोग करने का आरोप लगाया गया है।
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कोर्ट
- फोटो : सांकेतिक चित्र
तीस हजारी अदालत की महादंडाधिकारी शैफाली बरनाला टंडन ने मामले की सुनवाई करते हुए कपिल मिश्रा को समन जारी करते हुए 20 जनवरी 2018 को अदालत में पेश होने के निर्देश दिए हैं। मंत्री सत्येन्द्र जैन ने मीडिया में उनके खिलाफ कपिल मिश्रा द्वारा अपमानजनक शब्द बोलने के चलते मानहानि की याचिका दायर की थी।
अपनी याचिका में मंत्री ने कपिल मिश्रा पर आरोप लगाया कि उन्होंने अपने ट्विटर अकाउंट पर भी उनके खिलाफ आपत्तिजनक शब्द बोले थे। सत्येन्द्र जैन ने कपिल मिश्रा के अलावा बीजेपी विधायक मंजिन्दर सिंह सिरसा के खिलाफ अपराधिक धाराओं के तहत भी अन्य याचिका दायर की थी। ये याचिकाएं जैन द्वारा 19 मई को दायर की गई थीं। अगर इन याचिकाओं के तहत आरोप सिद्ध हो जाते हैं तो मानहानि की धाराओं के तहत दो साल की सजा हो सकती है।
इसके अलावा याचिका में मंत्री ने आरोप लगाया जल विभाग को लेकर कि 7 मई को कपिल मिश्रा ने उनके खिलाफ दिल्ली के मुख्यमंत्री अरविन्द केजरीवाल को 5 मई को रिश्वत देने का अरोप लगाया था।
कपिल मिश्रा आम आदमी पार्टी से करावल नगर इलाके से पूर्व विधायक हैं, जिन्हें पार्टी से निष्कासित कर दिया गया था। वहीं जैन ने सिरसा पर आरोप लगाया था कि उन्होंने झूठ के सहारे उन्हें भ्रष्टाचार के आरोप लगाकर बदनाम किया था।