नोएडा प्राधिकरण के प्रशासनिक कार्यालय की नाक के नीचे सड़क पर अवैध पार्किंग का मकड़जाल फैलता जा रहा है। अफसर रोजाना जाम में फंसकर अपने दफ्तर पहुंचते हैं, लेकिन समस्या जस की तस बनी हुई है। एक माह पहले प्राधिकरण के ट्रैफिक सेल ने उद्योग मार्ग पर नो पार्किंग जोन बनाने के लिए जगह-जगह ‘नो पार्किंग और टो अवे जोन’ के बोर्ड लगाने पर अच्छी खासी रकम खर्च कर दी थी, लेकिन इसका कोई फायदा नहीं मिला। अब ट्रैफिक पुलिस के सुझाव पर गमले लगाकर पार्किंग का दायरा तय किया जा रहा है। बुधवार को कुछ स्थानों पर गमले लगा भी दिए गए पर यह प्रयोग भी फेल साबित हुआ। पेश है रिपोर्ट:-
गमलों की लक्ष्मण रेखा: अवैध पार्किंग पर रोक के लिए बनी नई योजना, लेकिन इसकी भी उड़ी धज्जियां
इनको नहीं पुलिस-प्राधिकरण का डर
उद्योग मार्ग पर कदम-कदम पर वाहनों के शोरूम हैं। लगभग हर शोरूम के सामने नो पार्किंग के बोर्ड लगवाए गए हैं, लेकिन हालात देखकर प्राधिकरण अधिकारियों की इन पर मेहरबानी का अंदाजा खुद ब खुद लगाया जा सकता है। फोर्ड के शोरूम के बाहर लाइन से गमले लगाए गए, ताकि गमलों से बाहर वाहन खड़े न किए जा सकें, लेकिन सड़क पर खड़े वाहनों की कतार में गमले भी छुपे नजर आए।
जहां जरूरत नहीं वहां भी गमले
धन और संसाधनों की बर्बादी कैसे होती है, यह प्राधिकरण से बेहतर कोई नहीं जानता होगा। ट्रैफिक पुलिस का सुझाव था कि जहां सड़क घेरकर वाहन खड़े किए जाते हैं वहां गमले रखवा दिए जाएं, लेकिन प्राधिकरण ने सेक्टर-6 में ऐसी जगह भी गमले रखवा दिए। जिस जगह वाहन खड़े नहीं होते।
अवैध पार्किंग में छुप गए नो पार्किंग के बोर्ड
प्राधिकरण के अधिकारी जिस रास्ते से होकर गुजरते हैं, जगह-जगह सड़क पर वाहनों का कब्जा होने से जाम के हालात बने रहते हैं। प्राधिकरण के प्रशासनिक कार्यालय के ठीक सामने वाहन शोरूम ने फुटपाथ से लेकर सड़क तक कब्जा जमाया हुआ है। प्राधिकरण ने यहां नो पार्किंग का बोर्ड भी लगाया है, लेकिन किसी को कोई परवाह नहीं।
वन-वे खत्म होने से बढ़ी समस्या
वर्ष 2016 में शहर उद्योग मार्ग पर वन-वे व्यवस्था लागू हुई थी। लेकिन सालभर पहले प्राधिकरण के कुछ अधिकारियों ने अपनी सुविधा के लिए इस व्यवस्था को खत्म करा दिया। सड़कों से वाहनों का अतिक्रमण हटाए बिना वन-वे खत्म किए जाने से समस्या बढ़ गई। हालांकि, प्राधिकरण की ट्रैफिक सेल ने अल्पावधि योजना में इसे फिर से लागू करने का प्रस्ताव रखा है।