ग्रेटर नोएडा में दस जुलाई को ऑपरेशन-10 के अंतर्गत पकड़े गए 60 विदेशी और अफ्रीकियों में से 30 को शांति भंग करने के आरोप में लुकसर स्थित जिला कारागार भेजा गया था। अब यह कैदी जेल प्रशासन के लिए सिरदर्द बन गए हैं। दरअसल जेल में बंद ये अफ्रीकी नागरिक चिकन-मटन और वोदका की मांग कर रहे हैं।
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- फोटो : अमर उजाला
जेल में इन कैदियों द्वारा रोज-रोज हो रहे हंगामे के चलते प्रशासन ने इन्हें अलग बैरक में रखा है। इनके हंगामे के चलते दूसरे कैदी इन पर हमला न कर दें इस वजह से इन्हें सुरक्षा भी चौकस कर दी गई है। खबरों के अनुसार यह विदेशी नागरिक जेल में मिलने वाली दाल-रोटी और आरओ का पानी भी नहीं पीना चाहते हैं।
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गिरफ्तार 30 में से अंगोला के दो नागरिकों को जरूरी औपचारिकताएं पूरी करने के बाद डिपोर्ट कर उनके देश भेजा गया है। पुलिस के मुताबिक, लुकसर जेल से दूतावास के अधिकारी दोनों को उनके देश भेजने के लिए दिल्ली एयरपोर्ट लेकर गए। शुक्रवार को तंजानिया के दस से अधिक नागरिकों को डिपोर्ट किए जाने की संभावना है। उनसे संबंधित कई औपचारिकताएं पूरी कर ली गई हैं।
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ऑपरेशन क्लीन-10 के अंतर्गत दस जुलाई को पुलिस व एलआईयू ने तीन सोसायटी व एक सेक्टर से 60 विदेशी नागरिकों को बिना वीजा पासपोर्ट के पकड़ा था। आरोपियों के कब्जे से नशीले पदार्थ, 114 सिम, इलेक्ट्रॉनिक डिवाइस, सामान्य से छोटे मोबाइल, लैपटॉप आदि बरामद किए थे। 20 आरोपी पुलिस कस्टडी से मारपीट कर फरार हो गए थे। इनमें से तीन को पुलिस ने घेराबंदी कर दबोच लिया था। तीन अफ्रीकियों को पुलिस ने शांति भंग के आरोप में जिला कारागार भेजा था। इनमें से दो अंगोला के नागरिकों को डिपोर्ट करने की औपचारिकता पूरी करने के बाद उनके दूतावास के अधिकारियों की सुपुर्दगी में दे दिया गया। वह उन्हें दिल्ली एयरपोर्ट लेकर गए।
दो विदेशियों को दस्तावेज मिलने पर छोड़ा
अंगोला के ही दो नागरिकों ने अपने वीजा और पासपोर्ट दिखा दिए। इसके बाद दोनों को जमानत देकर छोड़ दिया गया था। वहीं, पुलिस कस्टडी से फरार हुए अन्य 17 विदेशियों का अब तक कोई सुराग नहीं लगा है। पुलिस उन्हें पकड़ने का प्रयास कर रही है।