नोएडा प्राधिकरण के सेक्टर-6 कार्यालय पर शुक्रवार को खूब हंगामा हुआ। एक ओर ढोल-नगाड़ों संग पहुंचे किसान बैरिकेड तोड़ने के लिए अड़े थे वहीं दूसरी ओर पुलिस ने मोर्चा संभाल रखा था। धरना-प्रदर्शन के दौरान किसानों ने कार्यालय के बाहर गाय और भैंसें बांध दी थीं। इस दौरान प्राधिकरण कार्यालय खाली करा लिया गया। बोर्ड बैठक का स्थान भी बदल दिया गया। किसान राशन, पानी व अन्य व्यवस्था कर अनिश्चितकालीन धरना देने के इरादे से प्राधिकरण कार्यालय पहुंचे थे। दोपहर करीब 1 बजे शुरू हुआ प्रदर्शन देर शाम 7 बजे तक जारी रहा।
नोएडा: ट्रैक्टर पर सवार होकर आए किसानों ने प्राधिकरण पर बोला धावा, गेट से बांधी गाय-भैंस
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
भारतीय किसान यूनियन के राष्ट्रीय प्रवक्ता राकेश टिकैत की अगुवाई व अन्य किसान संगठनों के आह्वान पर दोपहर 12 बजे 81 गांवों के किसानों ने सेक्टर-121 से सेक्टर-6 स्थित नोएडा प्राधिकरण कार्यालय की ओर कूच किया। ज्यादातर किसान ट्रैक्टर ट्रॉलियों में सवार थे वहीं कुछ पैदल भी चल रहे थे। कई ट्रैक्टर ट्रॉलियों पर मवेशियों को भी लादा गया था। किसानों के साथ बड़ी संख्या में महिलाएं भी शामिल थीं।
किसानों को रोकने के लिए पुलिस ने कई जगहों पर बैरिकेडिंग की थी। जिसे तोड़कर किसान प्राधिकरण दफ्तर पहुंच गए। किसानों को बड़ी संख्या में आते देखकर प्राधिकरण कार्यालय को खाली करा लिया गया। पब्लिक एंट्री को पूरी तरह से रोक दी गई। पुलिस ने किसी को भी अंदर नहीं जाने दिया। परिसर से एक-एक लोगों को निकाला गया।
करीब 1 बजे के किसान प्राधिकरण कार्यालय पर पहुंचने शुरू हो गए। एसएसपी वैभव कृष्ण ने मुख्य सड़क पर मोर्चा संभाला और किसानों के ट्रैक्टर व वाहनों को सड़क से ही डायवर्ट करा दिया। किसान वहां से पैदल प्राधिकरण परिसर पहुंचे। हालांकि इससे पहले ढोल नगाड़ों व गाय-भैंस के साथ कुछ किसान पहले ही वहां पहुंच गए थे। उन्होंने गाय-भैंसों को वहीं बांध दिया।
दोपहर करीब 2 से 2:30 बजे हालात तनावपूर्ण होने लगे। किसान पुलिस से बैरिकेड हटाने के लिए कह रहे थे। किसानों ने 10 मिनट का अल्टीमेटम भी दिया। जब किसान उग्र होने शुरू हुए तो पुलिस सामने आ गई। हालांकि पुलिस कप्तान, सिटी मजिस्ट्रेट और प्राधिकरण के ओएसडी की मध्यस्थता के बाद किसान शांत हुए। लेकिन उन्होंने नारेबाजी और भाषण जारी रखा। यह सिलसिला शाम करीब 7 बजे तक जारी रहा। इसके बाद सीईओ के साथ किसानों की बैठक हुई। इसमें सहमति के बाद धरना खत्म हो पाया।