निर्भया केस के दरिंदों का चौथा डेथ वारंट जारी हो चुका है। इन्हें अब 20 मार्च सुबह 5.30 बजे फांसी पर लटकाया जाएगा। इस बार फांसी का टलना भी मुमकिन नहीं है क्योंकि दोषियों के सभी कानूनी विकल्प खत्म हो चुके हैं जिसकी वजह से अदालत को तीन-तीन बार फांसी की तारीख टालनी पड़ी। इस बीच दोषियों के जेल में व्यवहार से जुड़ी कुछ बातें सामने आई हैं। खुलासा हुआ है कि किस दोषी का व्यवहार बीते सात सालों में कैसा रहा, किसे नियम उल्लंघन के लिए सबसे ज्यादा सजा मिली तो किसने कमाए सबसे ज्यादा पैसे...
निर्भया केस: कुछ अजीब रहा दोषियों का जेल में व्यवहार, एक कमाने में लगा रहा तो एक गुस्सा दिखाने में
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तिहाड़ जेल में बंद निर्भया के दोषी विनय को जेल में रहते हुए सबसे ज्यादा बार सजा मिली थी। उसके बाद पवन व मुकेश को दंडित किया गया जबकि सबसे कम बार अक्षय को दंडित किया गया है। जेल सूत्रों का कहना है कि जेल में मारपीट करने व अधिकारियों का आदेश नहीं मानने पर कैदियों को दंडित किया जाता है। बता दें कि विनय ही जेल में सबसे उग्र रहा है। उसने एक फार खुद को फांसी लगाने का प्रयास किया तो एक बार खुद को घायल कर लिया था। एक बार तो उसने पिन निगलने का भी दावा किया था।
निर्भया के दोषियों में विनय सबसे ज्यादा गुस्सैल है। वह जेल में बंद होने के बाद अब तक करीब 11 बार जेल नियमों का उल्लंघन कर चुका है। गलत आचरण को लेकर विनय को 11 बार जेल प्रशासन सजा दे चुका है जबकि पवन को आठ बार, मुकेश को तीन बार और सबसे कम अक्षय को एक बार दंडित किया गया।
अक्षय ने जेल में सबसे ज्यादा मेहनताना कमाया
जेल सूत्रों के मुताबिक अक्षय, पवन और विनय ने जेल में रहते काम भी किया। इसके एवज में उन्हें जेल प्रशासन ने मेहनताना भी दिया है। इनमें अक्षय ने सबसे ज्यादा मेहनताना कमाया। अक्षय ने अब तक 69 हजार, वहीं विनय ने 39 हजार तो पवन से 29 हजार रुपये कमाए हैं। अधिकारिक सूत्रों का कहना है कि कैदियों की कमाई को जिस खाते में रखा जाता है, उसे कैदी कल्याण कहा जाता है। दोषियों के कमाए मेहनताना को किसे दिया जाएगा इसका जेल प्रशासन ने अभी कोई फैसला नहीं किया है। हालांकि उनका कहना है कि यह फैसला दोषी को लेना है। अगर वह कोई फैसला नहीं लेते हैं तो रकम को उनके परिवार के हवाले कर दी जायेगी।
मौत का फरमान जारी होने के बाद विनय हुआ बेचैन
जेल अधिकारी इन दिनों दोषियों की लगातार काउंसलिंग करवा रहे है। जेल अधिकारियों का कहना है कि चारों कुछ बेचैन हैं, हालांकि इनका ध्यान रखा जा रहा है। अब तो रोजाना इनका वजन भी मापा जाएगा जो फांसी में एक बहुत बड़ा कारक है।