निर्भया केस: आज से फांसी के दिन तक होंगे ये काम, अंत में लटकाया जाएगा
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अदालत के आदेश की कॉपी गुरुवार(5 मार्च) को चारों दोषियों पवन, मुकेश, विनय और अक्षय को सौंपी जाएगी। चारों तिहाड़ जेल नंबर-3 के हाई सिक्योरिटी सेल में बंद हैं। इनके डेथ वारंट जारी होने के बाद जेल संख्या-3 की सुरक्षा बढ़ा दी गई है। वैसे तो जेल में पहले से ही सुरक्षा चाक-चौबंद है लेकिन अब से लोगों की गहन जांच के बाद ही उन्हें अंदर आने दिया जाएगा।
जेल के आधिकारिक सूत्रों का कहना है कि दोषियों से फिर से उनके परिवार को अंतिम बार मिलने के बारे में पूछा जाएगा। इनको फांसी देने वाले जल्लाद को तिहाड़ जेल भेजने के लिए यूपी के जेल विभाग को एक बार फिर पत्र लिखा जाएगा। पत्र में फांसी की तारीख बताकर जल्लाद को दो दिन पहले भेजने का अनुरोध किया जाएगा। अब जेल के अधिकारी एक बार फिर फांसीघर का निरीक्षण करेंगे और इसकी फिर से साफ-सफाई व जरूरी मम्मत की जाएगी।
दोषियों से उनकी आखिरी इच्छा के तौर पर ये पूछा जाएगा कि वो किससे मिलना चाहते हैं, कोई धर्मग्रंथ पढ़ना चाहते हैं, किसी धर्मगुरू आदि से मिलना चाहते हैं या फिर किसी के नाम वसीयत करना चाहते हैं। फिर वो जैसा कहेंगे उसके हिसाब से तिहाड़ प्रशासन कार्य करेगा।
सुबह की खामोशी में निर्भया के दोषियों को फांसी दी जाएगी। जेल मैनुअल के मुताबिक सुबह सूर्योदय के बाद ही फांसी देने का रिवाज है। आमतौर पर गर्मियों में सुबह छह बजे और सर्दियों में सात बजे फांसी दी जाती है। हालांकि अदालत ने जो डेथ वारंट जारी किया है उसके अनुसार निर्भया के दोषियों को 20 मार्च को सुबह 5.30 बजे फांसी होगी। फांसी घर लाने से पहले दोषी को सुबह करीब 4 बजे ही नहलाया जाएगा। उसके बाद उन्हें नए कपड़े पहनाए जाएंगे। फिर उन्हें चाय पीने के लिए दिया जाएगा। साथ ही उनसे नाश्ता के बारे में पूछा जाएगा। अगर कोई नाश्ता करना चाहता है तो उसे नाश्ता दिया जाता है।