फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
डाउनलोड करें

सब्सक्राइब करें

मौत करीब देखकर निर्भया के दोषी को याद आए वेद पुराण, फांसी से बचने को दी ये दलीलें

Wed, 11 Dec 2019 09:53 AM IST
पूजा त्रिपाठी न्यूज डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली Published by: पूजा त्रिपाठी Updated Wed, 11 Dec 2019 09:53 AM IST
विज्ञापन
nirbhaya case convict akshay kumar singh in his reveiw plea take help of veda purana want mercy
- फोटो : सोशल मीडिया

निर्भया सामूहिक दुष्कर्म और हत्या के मामले में फांसी की सजा पाए अक्षय कुमार सिंह ने सुप्रीम कोर्ट में दायर पुनर्विचार याचिका में वेद पुराणों का जिक्र करते हुए जो तर्क दिए हैं, उसे अगर वह वारदात को अंजाम देते समय याद रखता तो शायद यह दिल दहला देने वाली घटना नहीं घटती।

nirbhaya case convict akshay kumar singh in his reveiw plea take help of veda purana want mercy
- फोटो : सोशल मीडिया

अक्षय ने अपनी याचिका में कहा, सरकार को सिर्फ यह साबित करने के लिए लोगों को फांसी नहीं देनी चाहिए कि वह आतंकी या महिलाओं के खिलाफ हिंसा के अपराध में शामिल है। उसे बदलाव के लिए सुनियोजित तरीके से सुधार के लिए काम करना चाहिए। फांसी से सिर्फ अपराधी मरता है, अपराध नहीं। मौत की सजा बेरहमी से हत्या है और यह दोषियों को सुधरने का अवसर प्रदान नहीं करती। 

nirbhaya case convict akshay kumar singh in his reveiw plea take help of veda purana want mercy
- फोटो : सोशल मीडिया

याचिका में पूर्व चीफ जस्टिस पीएन भगवती की टिप्पणी का जिक्र किया गया है कि गरीब पृष्ठभूमि वाले अधिकांश दोषियों को फांसी के फंदे तक भेजने की संभावना अधिक रहती है। अगर हमारी आपराधिक न्याय प्रणाली कानूनी मानकों के तर्कसंगत आवेदन की गारंटी नहीं ले सकती, तो हम कैसे न्यायपालिका को यह अधिकार दे सकते हैं कि किसे जीना चाहिए और किसे नहीं।

विज्ञापन
विज्ञापन
nirbhaya case convict akshay kumar singh in his reveiw plea take help of veda purana want mercy
- फोटो : सोशल मीडिया

अक्षय ने याचिका में वेद पुराणों का हवाला देते हुए कहा, मौत की सजा क्यों? जब मनुष्य की आयु कम हो रही है। हमारे वेद, पुराण और उपनिषदों में कहा गया है कि सतयुग में मनुष्य हजार साल जीता था। द्वापर में सौ साल, लेकिन कलयुग में नहीं। इस युग में मनुष्य की उम्र 50-60 साल ही रह गई है। बहुत ही कम सुनते हैं कि कोई 100 साल जिया।

विज्ञापन
nirbhaya case convict akshay kumar singh in his reveiw plea take help of veda purana want mercy
- फोटो : अमर उजाला

जब हम अपने आसपास देखते हैं तो इस नतीजे पर पहुंचते हैं कि जब एक व्यक्ति जीवन की कड़वी सच्चाई का सामना करता है और विपरीत परिस्थिति से गुजरता से है तो वह किसी जिंदा लाश की तरह ही होता है। गांधी जी हमेशा कहते थे कि कोई भी फैसला लेने से पहले सबसे गरीब व्यक्ति के बारे में सोचें। यह सोचें कि आखिर आपका फैसला कैसे उस व्यक्ति की मदद करेगा। आप ऐसा विचार करेंगे तो आपके भ्रम दूर हो जाएंगे।

अगली फोटो गैलरी देखें
विज्ञापन

रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें Android Hindi News App, iOS Hindi News App और Amarujala Hindi News APP अपने मोबाइल पे|
Get all India News in Hindi related to live update of politics, sports, entertainment, technology and education etc. Stay updated with us for all breaking news from India News and more news in Hindi.

विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

AU ऐप में पढ़ें

Followed