अनाज मंडी में लगी भीषण आग में घायल करीब 15 लोग लोकनायक अस्पताल में भर्ती हैं। बर्न विभाग में भर्ती 9 में से एक मरीज मुकीम 55 फीसदी जल चुका है। उसकी हालत काफी गंभीर है। डॉक्टरों का कहना है कि यहां भर्ती मरीजों के फेफड़ों में जहरीली गैसें भर गई हैं। कुछ के फेफड़े अंदर से जल भी गए हैं। दवाओं के जरिये इनके फेफड़ों को स्वस्थ करने का प्रयास चल रहा है। मरीजों के फेफड़े सिकुड़ रहे हैं।
अनाज मंडी अग्निकांड: जल कर काले पड़ गए हैं घायल मरीजों के फेफड़े, भर गई है जहरीली गैस
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इधर विधानसभा में नेता प्रतिपक्ष विजेंद्र गुप्ता ने इस मामले के बाद राजनीतिक प्रतिक्रिया को लेकर कहा कि मुख्यमंत्री हादसे पर राजनीति करना बंद करें और अनाज मंडी क्षेत्र में फैले डर के वातावरण को दूर करने के लिए कदम उठाएं। उन्होंने कहा कि घटना के बाद से फैक्टरियों और दुकानों के शटर अब तक खुले नहीं हैं। लोगों में डर है कि कोई कार्रवाई होती है तो हजारों लोग बेरोजगार हो जाएंगे। इस भय के वातावरण को दूर करने के लिए सरकार तुरंत कदम उठाए और क्षेत्र के पुनर्विकास के लिए काम शुरू करे, ताकि लोग सुरक्षित वातावरण में काम जारी रख सकें।
इधर हादसे के बाद इस मामले में हस्तक्षेप से हाईकोर्ट ने इंकार कर दिया है। हादसे की जांच सेवानिवृत्त जज और सीबीआई या किसी स्वतंत्र एजेंसी से कराने की मांग वाली जनहित याचिका को हाईकोर्ट ने मंगलवार को ठुकरा दिया। मुख्य न्यायाधीश डीएन पटेल और जस्टिस सी. हरीशंकर की बेंच ने मामले में हस्तक्षेप से इनकार करते हुए कहा कि सभी एजेंसियां छानबीन कर रही हैं। भविष्य में ऐसे हादसे न हों, इस पर भी एजेंसियां काम कर रही हैं। इस मामले में कोर्ट का हस्तक्षेप करना जल्दबाजी होगी।