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निर्भया कांड: बस स्टॉप व थाने को देखकर कांप उठता है शरीर, 16 दिसंबर 2012 की रात चलती बस में हुई थी दरिंदगी

Wed, 16 Dec 2020 09:50 AM IST
शाहरुख खान अमर उजाला नेटवर्क, नई दिल्ली
अमर उजाला नेटवर्क, नई दिल्ली Published by: शाहरुख खान Updated Wed, 16 Dec 2020 09:50 AM IST
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nirbhaya case Body shivers after seeing bus stop and police station 16 December 2012
nirbhaya case - फोटो : अमर उजाला
दिल्ली के मुनिरका का वो बस स्टैंड, वसंत विहार थाना व सागरपुर की वाहनों की पिट को देखकर अभी भी शरीर कांप उठता है। शरीर में सिहरन पैदा हो जाते हैं। निर्भया सामूहिक दुष्कर्म की घटना को बुधवार को आठ वर्ष पूरे हो जाएंगे, मगर अभी भी लगता है कि जैसे कल ही घटना ही घटना हुई हो। ये कहना है कि दिल्ली पुलिस की रिटायर एसीपी राजेन्द्र सिंह का। 

 
nirbhaya case Body shivers after seeing bus stop and police station 16 December 2012
वसंत विहार बस स्टॉप - फोटो : अमर उजाला
राजेन्द्र सिंह की देखरेख में पुलिस ने न केवल आरोपियों को सामूहिक दुष्कर्म की वारदात की वारदात के कुछ दिन बाद दबोच लिया, बल्कि उनको मौत की सजा भी दिलवाई। राजेन्द्र सिंह 30 नवंबर को दिल्ली पुलिस से रिटायर हुए हैं। देश की बिटिया निर्भया के साथ सामूहिक दुष्कर्म की घटना को बुधवार को आठ पूरे जाएंगे। 16 दिसंबर को ही देश की बिटिया के साथ चलती बस में सामूहिक दुष्कर्म हुआ था। 
nirbhaya case Body shivers after seeing bus stop and police station 16 December 2012
इसी बस में हुई थी हैवानियत - फोटो : अमर उजाला
निर्भया सामूहिक दुष्कर्म के जांच अधिकारी इंस्पेक्टर अनिल शर्मा अब राजौरी गार्डन थाने के थानाध्यक्ष हैं। इंस्पेक्टर अनिल शर्मा का कहना है कि देश की बिटिया के साथ जिस तरह की दरिंदगी हुई थी वह दिल व जहन से कभी नहीं निकल सकती। उन्होंने बिटिया को तड़पते व कराहते देखा था। अभी भी ऐसा लगता है जैसे कल की घटना हो। 
 
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nirbhaya case Body shivers after seeing bus stop and police station 16 December 2012
वसंत विहार बस स्टॉप - फोटो : अमर उजाला
वह कहते हैं कि वह कभी वसंत विहार थाना, मुनिरका बस स्टेंड व सागर पुर थाने की वाहन पिट में खड़ी बस को देखते तो शरीर में कपकपी सी आ जाती है। पूर्व एसीपी राजेन्द्र सिंह ने बताया कि निर्भया ने अपनी जान देकर देश की महिलाओं के लिए बहुत कुछ दे दिया। निर्भया की मौत के बाद हुए आंदोलन के बाद महिलाओं के प्रति कानूनों में काफी बदलाव आया है। 
 
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nirbhaya case Body shivers after seeing bus stop and police station 16 December 2012
इसी बस में हुई थी हैवानियत - फोटो : अमर उजाला
अब महिलाओं की शिकायत पर तुरंत मामले दर्ज होते हैं। महिला किसी भी थाने में शिकायत दे दो तो उस पर तुरंत मामला दर्ज होता है। पहले ऐसा नहीं होता था। साथ ही महिलाओं की शिकायत पर एफआईआर ही दर्ज नहीं होती थी। साथ ही 18 वर्ष से कम उम्र की किशोरी के साथ अपराधिक वारदात होने में पोक्सो एक्ट लगता है। इस एक्ट में आरोपी का आसानी से जमानत नहीं मिली और सजा भी काफी है। 
 
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