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Nikita Tomar Murder: घंटों गिड़गिड़ाए परिजन, हाथ जोड़े...तब पुलिस ने दिया बिटिया का शव
Wed, 28 Oct 2020 10:56 AM IST
शाहरुख खान
संजय शिशौदिया, अमर उजाला, फरीदाबाद
संजय शिशौदिया, अमर उजाला, फरीदाबाद
Published by: शाहरुख खान
Updated Wed, 28 Oct 2020 10:56 AM IST
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nikita murder case
- फोटो : अमर उजाला
Faridabad Nikita Tomar News: फरीदाबाद निकिता हत्याकांड में जिस समय गुस्साएं लोग सोहना रोड से लेकर बल्लभगढ़ में दिल्ली-आगरा हाईवे पर जाम लगाए हुए थे, ठीक उसी समय अपनी बिटिया का शव जल्द से जल्द लेने के लिए परिजन बीके सिविल अस्पताल में मौजूद पुलिस अधिकारियों के सामने गिड़गिड़ा रहे थे।
nikita murder case
- फोटो : अमर उजाला
बेदर्द खाकी परिजनों को निकिता का शव सौंपने के मूड में ही नहीं थी। यही कारण रहा कि दोपहर एक बजे से शाम साढ़े चार बजे तक परिजन पुलिस के सामने बार-बार हाथ जोड़ने और शव के लिए मिन्नत करते रहे। बाद में पुलिस इस शर्त पर शव देने को तैयार हुई कि भारी पुलिसबल के बीच ही उसके शव को पहले घर और फिर श्मशान घाट पहुंचाया जाएगा।
मृतक निकिता का फाइल फोटो
- फोटो : अमर उजाला
निकिता के मामा हाकिम सिंह ने बताया कि वह दोपहर करीब एक बजे भांजी का शव लेने के लिए बीके सिविल अस्पताल स्थित पोस्टमार्टम हाउस पर पहुंचे थे। वहां शहरी क्षेत्र के थाना प्रभारी मौजूद मिले। उन्होंने पोस्टमार्टम के लिए कुछ कागजी कार्रवाई कराई और जल्द ही शव को उनके सुपुर्द करने की बात कही।
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पुलिस की गिरफ्त में आरोपी
- फोटो : अमर उजाला
उन्होंने बताया कि इसके बाद पुलिसकर्मी हर बार 5-5 मिनट में शव देने की बात करते रहे। जब तीन बजे तक उन्हें निकिता का शव नहीं दिया गया तो उन्होंने पुलिस से मिन्नत करनी शुरू की। परिजनों ने शव को सुपुर्दगी में लेने के लिए पुलिस पर दबाव भी बनाना शुरू किया, मगर पुलिस अधिकारी हर बार परिजनों को चंद मिनट का झांसा देती रहे।
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विलाप करते हुए परिजन
- फोटो : अमर उजाला
दरअसल, पुलिस को इस बात का शक था कि परिजन निकिता के शव को भी हाईवे पर रखकर जाम लगाए जाने के दौरान हंगामा शुरू न कर दें। डीसीपी क्राइम अनिल कुमार और डीसीपी अर्पित जैन भी दोपहर करीब साढ़े तीन बजे बीके सिविल अस्पताल पहुंच गए। पुलिस के दोनों वरिष्ठ अधिकारियों के सामने भी परिजन करीब एक घंटे तक गिड़गिड़ाते रहे।