नई दिल्ली हादसे के तीन दिन बाद भी वास्तविक स्थिति से भ्रम का परदा नहीं उठ सका है। हादसे पर अलग-अलग एजेसियों की रिपोर्ट और अधिकारियों के बयानों तक में तालमेल नहीं है। रेल मंत्रालय का दावा है कि हादसे के वक्त स्टेशन पर अप्रत्याशित भीड़ नहीं थी। जबकि रिपोर्ट की रिपोर्ट में दर्ज है कि मुसाफिरों का दबाव ज्यादा होने हादसा हुआ। आरपीएफ की दो रिपोर्ट में घटना का समय भी एक नहीं है। इतना जरूर है कि सीढ़ी पर भगदड़ होने के मामले में एकरूपता है। इस मामले में रेलवे की दलील है कि अभी दो सदस्यीय उच्च स्तरीय कमेटी जांच कर रही है। हादसे के वक्त स्टेशन पर तैनात अधिकारियों की जानकारी से बनने वाली रिपोर्ट प्रामाणिक होगी।
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नई दिल्ली रेलवे स्टेशन हादसा
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हादसा एक, वक्त दो
स्टेशन हादसे के दूसरे दिन 15 फरवरी की सुबह रेलवे सुरक्षा बल की जो शुरुआती रिपोर्ट आई, उसमें भगदड़ का समय रात के 9:30 बजे का समय दर्ज किया गया। वहीं, 16 फरवरी की दूसरी रिपोर्ट में दर्ज है कि 8:45 बजे प्रयागराज को जाने वाली कुंभ स्पेशल के प्लेटफार्म 12 से जाने की सूचना होने के बाद अफरा-तरफरी मच गई। फिर, थोड़ी ही देर बाद स्टेशन पर दोबारा उद्घोषणा की गई कि कुंभ स्पेशल प्लेटफार्म नंबर-16 से जाएगी तो भगदड़ की स्थिति उत्पन्न हुई। इस रिपोर्ट से साफ है कि घटना रात 9:00 बजे के पहले हुई।
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भगदड़ के समय में अंतर
जबकि रेल मंत्रालय रिपोर्ट के इस फैक्ट को अभी भी खारिज कर रहा है कि किसी तरह का कोई प्लेटफार्म नहीं बदला गया। दूसरी तरफ आरपीएफ की पहली और दूसरी रिपोर्ट में भगदड़ के समय में काफी अंतराल है। इसके अलावा जीआरपी की रिपोर्ट हादसे का वक्त दस बजे बता रही है। वहीं, दोनों रिपोर्ट्स के उलट इस रिपोर्ट में प्लेटफार्म 13 से चलने वाली ट्रेन का भी जिक्र है।
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- फोटो : अमर उजाला
दोनों रिपोर्ट में मौतों की संख्या भी अलग
आरपीएफ की दोनों रिपोर्ट में मौतों की संख्या भी अलग-अलग है। आरपीएफ की पहली रिपोर्ट में कहा गया है कि प्लेटफार्म नंबर 14/15 पर अत्यधिक भीड़ होने से प्लेटफार्म पर उतरते समय लगभग 8.30 बजे सीढ़ियों पर गिरने व भगदड़ से 31 यात्री घायल हो गए। एनएनजेपी अस्पताल में 27, लेडी हार्डिंग में दो व कलावती हॉस्पिटल में दो लोगों को भर्ती कराया गया, जिसमें 18 को डॉक्टरों ने मृत घोषित कर दिया। 13 उपचाराधीन हैं।
दूसरी रिपोर्ट में कहा गया है कि मौके से ही उप निरीक्षक को स्टाफ के साथ सभी अस्पतालों में भेजा गया। जहां से यह सूचना प्राप्त हुई कि तीनों अस्पतालों में कुल 30 घायल यात्री भेजे गए थे जिनमें से 20 यात्रियों की मृत्यु हो गई है और 10 यात्री घायल हैं जिनका उपचार किया जा रहा है। मौके पर 18 एंबुलेन्स, 18 पीसीआर, फायर ब्रिगेड की गाड़ियां व आपदा प्रबंधन की टीम भी पहुंची। अस्पतालों में ही मृतकों व घायलों के परिजनों को मुआवजे का भुगतान किया जा रहा है।
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छुट्टी के कारण बढ़ी भीड़
घटना से पहले गाड़ी संख्या 20802 मगध एक्सप्रेस प्लेटफार्म 14 से निर्धारित समय से 10 मिनट लेट 21.15 बजे रवाना हुई थी। लेकिन कुछ लोग छूट गए। कुछ देर बाद गाड़ी संख्या 12418 प्रयागराज एक्सप्रेस 22:10 बजे व गाड़ी संख्या 12582 नई दिल्ली बनारस सुपरफास्ट प्लेटफार्म 15 से 10.50 बजे रवाना होनी थी। दोनों गाड़ियों की भीड़ व साप्ताहिक छुट्टी होने के कारण कुंभ में जाने वाली भीड़ अत्यधिक हो गई थी।