आज देश को जस्टिस रंजन गोगोई के रूप में नया चीफ जस्टिस मिल गया है। जस्टिस रंजन गोगोई भारत के 46वें चीफ जस्टिस बन गए हैं। ऐसे में उनके पिता केसब गोगोई की कही एक बात भी सच हो गई है जो उन्होंने सालों पहले बेटे के बारे में कही थी। जिस विश्वास और दृढ़ता के साथ वो बात कही गई थी, उसी तरह वह सच भी हुई है। जानिए क्या है वो बात, ये कब कही गई थी। साथ ही ये भी पढ़ें कि आखिर उनके साथी जज उनके बारे में कैसी राय रखते हैं और दिल्ली से उनका क्या रिश्ता रहा है।
बीते 25 अगस्त को गुवाहाटी में 'गुहाटी हाईकोर्ट, हिस्ट्री एंड हेरिटेज' नाम की किताब का लोकार्पण सुप्रीम कोर्ट के न्यायाधीष जस्टिस एसए बोबडे ने किया। इस किताब की रिलीज के दौरान हाईकोर्ट के कई जज वहां मौजूद थे जिन्होंने कई मजेदार किस्से सुनाए। इस किताब के अंदर एक हिस्सा है जिसे 'प्रोफेटिक कमेंट' नाम दिया गया है। इसके बारे में बताते हुए एक जज ने छोटी सी कहानी सुनाई कि असम के पूर्व कानून मंत्री अब्दुल मुहीब मजूमदार ने एक बार केसब गोगोई(गोगोई असम के मुख्यमंत्री रह चुके हैं) से पूछा था कि क्या उनका बेटा रंजन गोगोई कभी राजनीति में जाएगा और फिर क्या असम का मुख्यमंत्री बनेगा।
गोगोई उस वक्त गुवाहाटी में एक बहुत सफल वकील थे। उनके पिता केसब चंद्र गोगोई ने बेटे के बारे में पूछे गए सवाल पर कहा था कि, 'नहीं, उनका बेटा राजनीति में नहीं आएगा और इसलिए वह असम का मुख्यमंत्री भी नहीं बनेगा लेकिन उसमें इतनी काबिलियत है कि एक दिन वो जरूर भारत का मुख्य न्यायाधीश बनेगा।' आज जब जस्टिस रंजन गोगोई भारत के नए मुख्य न्यायाधीष के रूप में शपथ ले चुके हैं तो उनके बारे में पिता की कही बात भी सच हो गई है।
जस्टिस रंजन गोगोई के सुप्रीम कोर्ट के साथी जज कहते हैं, 'गोगोई बहुत कम बोलने वाले, दृढ़ निश्चय वाले और काम करने में विश्वास रखने वाले शख्स हैं। वह कम बोलते हैं पर काम करके दिखाते हैं। ' दक्षिण दिल्ली में स्थित एक सरकारी ग्रॉसरी की दुकान चलाने वाले शख्स भी जस्टिस रंजन गोगोई की सादगी का कायल है। वह बताता है कि जस्टिस रंजन गोगोई अक्सर उस दुकान पर अपने लिए मछली खरीदने आते रहे हैं। उसका कहना है कि इतना बड़ा जज खुद अपने लिए सामान लेने आए ये बहुत बड़ी बात है। जस्टिस रंजन गोगोई को काम के लिए पूरी तरह समर्पित होने के लिए जाना जाता है।
वह हर केस की छोटी से छोटी बारीकी को पढ़ने और फाइल को बारीकी से देखकर वकीलों को चौंकाने के लिए जाने जाते हैं। जितनी जानकारी उनको होती है उतनी तो कई बार वकीलों को भी नहीं होती जिसके चलते वकील भी हैरान रह जाते हैं। जस्टिस गोगोई ने अपना करियर गुवाहाटी हाईकोर्ट में परमानेंट जज के तौर पर फरवरी 2001 में शुरू किया था। 2010 में उनका ट्रांसफर पंजाब एंड हरियाणा हाईकोर्ट में कर दिया गया जहां 2011 में उन्हें हाईकोर्ट चीफ जस्टिस बना दिया गया। 23 अप्रैल 2012 से वह सुप्रीम कोर्ट के जज हो गए और अब नॉर्थ-ईस्ट भारत से देश के चीफ जस्टिस बनने वाले वो पहले शख्स होंगे।