फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
डाउनलोड करें

सब्सक्राइब करें
Hindi News ›   Delhi ›   Delhi NCR News ›   MCD takes sledgehammer to Kanak Lata PG

Delhi NCR News: कनक लता पीजी पर चला एमसीडी का हथौड़ा

Amar Ujala Bureau अमर उजाला ब्यूरो
Updated Wed, 09 Sep 2026 07:16 PM IST
विज्ञापन
पांचवीं मंजिल से शुरू हुई कार्रवाई, छात्रों को पहले ही दूसरी जगह भेजा गया; स्थानीय लोगों ने उठाए सुरक्षा व्यवस्था पर सवाल
विज्ञापन

संवाद न्यूज एजेंसी
नई दिल्ली। सत्य निकेतन में हॉस्टल डेज पीजी इमारत हादसे के बाद बुधवार को एमसीडी ने उससे सटी कनक लता पीजी इमारत को गिराने की कार्रवाई शुरू कर दी। सुबह करीब 10 बजे एमसीडी का दस्ता मौके पर पहुंचा। पांचवीं मंजिल की छत से ध्वस्तीकरण शुरू किया गया। कर्मचारियों ने हथौड़े और ड्रिल मशीनों से छत तोड़ी और मलबा नीचे गिराया। देर शाम तक कार्रवाई जारी रही। बृहस्पतिवार को भी इमारत गिराने का काम जारी रहेगा।
कनक लता पीजी की दीवारों में हॉस्टल डेज इमारत गिरने के बाद कई जगह दरारें आ गई थीं। भवन का एक हिस्सा भी क्षतिग्रस्त हुआ था। सुरक्षा को देखते हुए यहां रह रहे छात्रों को पहले ही दूसरी जगह भेज दिया गया था। आसपास के मकानों को भी एहतियातन खाली कराया गया। ध्वस्तीकरण के दौरान आसपास की इमारतों को नुकसान से बचाने के लिए चरणबद्ध तरीके से काम किया गया। भवन को सहारा देने के लिए पहले लोहे के गर्डर लगाए गए थे।
विज्ञापन

कार्रवाई शुरू होते ही स्थानीय निवासी और छात्र मौके पर जुट गए। लोगों ने कहा कि प्रशासन बड़े हादसे के बाद ही जर्जर इमारतों पर कार्रवाई करता है। छात्र शमी कुमार ने कहा कि पीजी में रहने वालों से महंगा किराया लिया जाता है, लेकिन भवनों के रखरखाव पर ध्यान नहीं दिया जाता। बाहर से चमकती कई इमारतें अंदर से जर्जर हैं। प्रियंका देवी ने कहा कि केवल कनक लता पीजी को गिराने से समस्या खत्म नहीं होगी। सत्य निकेतन की सभी पीजी और अन्य इमारतों की सुरक्षा जांच होनी चाहिए। उन्होंने कहा कि कई मकान मालिक इलाके से बाहर रहते हैं और बिना पर्याप्त सुरक्षा इंतजाम के पीजी संचालित किए जा रहे हैं। स्थानीय निवासियों व छात्रों का गुस्सा फूटा। उनका कहना था कि जर्जर इमारतों की समय रहते जांच और कार्रवाई होती, तो शायद छात्रों की जान नहीं जाती।
विज्ञापन
विज्ञापन

मरम्मत कराने के नाम पर पेंट कराया जाता है
गुलाबी देवी ने आरोप लगाया कि कई मकान मालिक मरम्मत कराने के बजाय केवल पेंट और सफेदी कराकर भवनों को बाहर से ठीक दिखाते हैं। स्थानीय लोगों ने नियमित भवन जांच और असुरक्षित इमारतों पर समय रहते कार्रवाई की मांग की। स्थानीय निवासी सावित्री देवी ने इलाके में गंदगी, खराब पानी और जलभराव की शिकायत की। उनका कहना है कि पानी सीमित समय के लिए आता है और कई बार उसमें रेत व बदबू रहती है। बारिश में सड़क पर घुटनों तक पानी भर जाता है।
विज्ञापन
विज्ञापन

रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें Android Hindi News App, iOS Hindi News App और Amarujala Hindi News APP अपने मोबाइल पे|
Get all India News in Hindi related to live update of politics, sports, entertainment, technology and education etc. Stay updated with us for all breaking news from India News and more news in Hindi.

विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

AU ऐप में पढ़ें

Followed