मदर्स डेः बेटी ईरा की शारीरिक कमजोरी को मानसिक मजबूती देकर बनाया UPSC टॉपर
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मां के हौंसले व मार्गदर्शन ने 60 फीसदी स्कोलियोसिस डिसेबल बेटी ईरा की शारीरिक कमजोरी नहीं, बल्कि क्षमता को समझते हुए मानसिक मजबूती देकर यूपीएससी टॉप तक पहुंचाया और नौकरी से लेकर जिंदगी के हर उतार-चढ़ाव में सारथी की तरह साथ है। ईरा कहती हैं कि मां मेरी स्पोर्ट सिस्टम है, वो नहीं होती तो मेरी सफलता की कहानी व पहचान अधूरी रह जाती।
मदर्स डे की पूर्व संध्या पर अमर उजाला से विशेष बातचीत में ईरा (यूपीएससी टॉपर 2014, यूपीएससी परीक्षा में सामान्य श्रेणी में पहला रैंक) अपनी सफलता का सारा श्रेय अपनी मां अनीता सिंघल को देती हैं। वे कहती हैं कि बचपन से आज तक मां का हौंसला और मार्गदर्शन मुझे आगे बढने की प्रेरणा देता हैं।
मां ने बचपन से मुझे आजादी का मतलब समझाया और कहा कि सच के साथ जो सही लगे, वही करो। मेरी शारीरिक क्षमता को कमजोरी नहीं, बल्कि मेरी हिम्मत बनाया और आम दोस्तों संग जीने का मतलब समझाया। ईरा कहती हैं कि टॉप बेशक मैंने किया था, लेकिन उसकी हकदार मेरी मां थी, क्योंकि किताब और पढ़ायी में मदद से लेकर मेरी डाइट आदि का सारा इंतजाम खुद किया।
ईरा के जन्म के साथ ही मुझे उसकी बीमारी का पता लगा पर मैंने हौंसले के साथ उसकी कमी को कमजोरी नहीं, बल्कि ताकत बनाने का फैसला लिया। उसे आम बच्चों की तरह ही पाला और दोस्तों संग देर रात तक घूमने की आजादी भी दी। मेरी शिक्षा पानीपत तो शादी मेरठ के परिवार में हुई। पति के बिजनेस में हाथ बंटाने के साथ मैं ईरा की परवरिश में हर चीज का ख्याल रखती थी।