निजामुद्दीन स्थित मरकज में कोरोना पॉजिटिव मिलने के बाद से आसपास की पूरी बस्ती में दहशत है। स्वास्थ्य विभाग की टीम ने मंगलवार देर रात मरकज को पूरी तरह खाली कराकर वहां ताला लगा दिया है। सूत्रों का कहना है कि बस्ती की एक बड़ी जनसंख्या मरकज से किसी न किसी तरह जुड़ी हुई है।
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निजामुद्दीन इलाके को सैनिटाइज करते सफाई कर्मी
- फोटो : amar ujala
कोरोना के खतरे को देखते हुए दिल्ली स्वास्थ्य विभाग ने बस्ती के करीब 200 घरों के बाहर क्वारंटीन करने के नोटिस लगा दिए हैं। नोटिस में बाकी लोगों से अपील की गई है कि 14 दिन तक इनके संपर्क में कोई न आएं। क्वारंटीन लोगों में किसी की तबीयत खराब होती है तो इसकी सूचना तुरंत स्वास्थ्य विभाग या हेल्पलाइन नंबर पर दें।
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निजामुद्दीन मरकज को सैनिटाइज करते अधिकारी
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निजामुद्दीन निवासी शेख जिलानी ने कहा कि इलाके के लोग या तो दरगाह शरीफ से जुड़े हैं या मरकज से। बहुत सारे लोगों के कारोबार भी इन दोनों जगहों के आधार पर हैं। यहां बड़ी संख्या में मनी एक्सचेंजर, होटल, गेस्ट हाउस, टोपी, तस्बीह (माला) आदि की दुकानें हैं। मरकज या दरगाह आने वाले ज्यादातर लोग इन दुकानों पर आते हैं। इसके अलावा बहुत से लोग मरकज में रहकर काम करते हैं। हाजी कल्लू ने बताया कि इसके अलावा धार्मिक आस्था के कारण भी लोग मरकज जाते हैं। अब संक्रमित लोगों के संपर्क में आने की वजह से इन सभी को क्वारंटीन किया गया है।
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निजामुद्दीन मरकज को किया गया सैनिटाइज
- फोटो : amar ujala
दूसरी ओर, इतनी बड़ी संख्या में लोगों को क्वारंटीन किए जाने के बाद खासी दहशत है। पुलिस भी पूरे इलाके में लाउडस्पीकर लेकर गश्त कर लोगों से घरों से न निकलने के लिए कह रही है। कोरोना का डर कहें या कुछ और, बस्ती में परचून और जरूरत का सामान बेचने वाले दुकानदार भी दुकानें खोलने से गुरेज कर रहे हैं। ज्यादातर लोगों का कहना है कि थोड़े से लालच के लिए क्यों जान मुसीबत में डाली जाए।
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निजामुद्दीन में कोरोना का कहर
- फोटो : PTI
बस्ती में 600 लोगों के लिए चल रहा लंगर
बस्ती में बड़ी संख्या में बेघर और भिखारी रहते हैं। बाहर से आने वाले जायरीन इन्हें दान देने के अलावा खाना भी खिलाते हैं। लॉकडाउन के बाद से इन लोगों के खाने-पीने का संकट भी पैदा हो गया है। बस्ती के लोग मिलकर करीब 600 ऐसे लोगों को रोज खाना खिला रहे हैं। दोपहर और शाम को खाना बनाकर लोग इन लोगों के पास जाकर ही बांटते हैं। शेख जिलानी ने बताया कि यह सिलसिला 26 मार्च से चल रहा है।