बेटी से सगाई टूटी नहीं, वे खुद ही पीछे हटे, भोपाल की फैमिली के अजितेश पर चौंकाने वाले खुलासे
भोपाल निवासी परिवार के मुखिया की पांच बेटियां हैं। एक बड़ी बेटी ने बताया कि अजितेश की बहन की शादी भोपाल में ही एक ठाकुर परिवार में हुई है। 2016 में बहन के यहां एक आयोजन में अजितेश पहुंचा था और वहीं उनकी छोटी बहन को उसने पसंद किया। वे लोग जो सरनेम लिखते हैं और वही अजितेश भी लिखता है इसलिए उन लोगों ने भी उसे ठाकुर ही समझा। बड़ी बहनों की शादी न होने के बावजूद वे लोग रिश्ते को तैयार हो गए। उनका परिवार बरेली में अजितेश के घर पहुंचा और उसके भाई का टाइल्स का शोरूम भी देखा। अजितेश ने भाई के साथ ही काम करने की बात कही थी। इसके बाद रिश्ता तय हो गया।
अजितेश के परिवार वालों की मर्जी के मुताबिक भोपाल के एक अच्छे होटल में 10 जुलाई 2016 को सगाई हुई, जिसमें करीब सात लाख रुपये खर्च हुए। नौ दिसंबर 2016 शादी की तारीख तय हुई थी लेकिन उससे पहले ही अजितेश की मां की मौत हो गई तो उनका परिवार बरेली आया। यहां तक कि उनकी जिस बहन से शादी हो रही थी, उसने अजितेश की मां की मौत पर बहू के तौर पर सारी रस्में भी अदा कीं। मगर इसके बाद उन लोगों को जब यह एहसास हुआ कि उनका परिवार उनकी इच्छा के मुताबिक शादी में खर्च नहीं कर पाएंगे तो उन्होंने दूरियां बनानी शुरू कर दीं। हालांकि शादी करने से आज तक इनकार नहीं किया है।
लड़की के पिता बोले- अब तक अदा कर रहे कर्ज
लड़की के पिता ने बताया कि उन्होंने कर्ज करके हैसियत से ज्यादा सात लाख रुपये सगाई में खर्च किए। आज तक उसकी भरपाई कर रहे हैं। उन्हें तो यह सुनकर बड़ा झटका लगा है कि वे लोग ठाकुर नहीं हैं। अगर पहले पता लगता तो रिश्ता ही तय नहीं करते। बोले- हमें तो आज तक धोखे में रखा गया। शादी के लिए मना भी नहीं किया और दूरियां भी बढ़ाते रहे। वे लोग बरेली में शादी करना चाहते थे और कहते थे कि मेनका गांधी और बड़े नेता शादी में आएंगे तो उनका सम्मान भी करना पड़ेगा।