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गहरी साजिश का पर्दाफाश, साक्षी को मोहरा बना विधायक पिता को सबक सिखाना चाहते थे भेदी
Mon, 15 Jul 2019 02:19 PM IST
शाहरुख खान
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, बरेली
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, बरेली
Published by: शाहरुख खान
Updated Mon, 15 Jul 2019 02:19 PM IST
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भाजपा विधायक राजेश मिश्रा उर्फ पप्पू भरतौल की बेटी साक्षी के आरोपों से पांच दिन पहले सनसनी जरूर फैली थी लेकिन अब जैसे-जैसे एक के बाद एक राज खुल रहे हैं, उससे साफ हो रहा है कि यह मामला घर से भागकर प्रेम विवाह करने के साधारण मामले से ज्यादा कहीं पप्पू भरतौल को सबक सिखाने का था। इसका पूरा ताना-बाना बुनने में विधायक के नजदीकी रहे पार्टी के दो दिग्गज नेताओं के साथ उनके घर तक में पैठ रखने वाले उनके तथाकथित समर्थकों के नाम चर्चा में हैं। इन्हीं में अजितेश उर्फ अभि के साथ दूसरा नाम गौरव उर्फ अरमान सिंह का भी है जिसे पुलिस ने पिछले साल मोहर्रम के दौरान हुए बवाल में नामजदगी के आधार पर उठाकर जेल भेजा है।
विधायक पप्पू भरतौल की बेटी साक्षी 3 जुलाई को अजितेश के साथ घर छोड़कर चली गई थी, जब भरतौल पत्नी का इलाज कराने पीजीआई लखनऊ और बेटा विक्की किसी और काम से दिल्ली गया था। छह दिन तक मामला विधायक के परिवार और करीबियों के बीच दबा रहा, सनसनी 9 जुलाई को तब फैली जब साक्षी-अजितेश का वीडियो वायरल हुआ जिसमें साक्षी ने अजितेश के साथ घर से भागकर शादी करने का खुलासा करते हुए अपने पिता पर उन दोनों की हत्या के लिए गुंडे पीछे लगाने का आरोप लगाया। साक्षी का एक और वीडियो वायरल हुआ, इसमें उसने पिता और भाई को अजितेश या उसके परिवार को कोई नुकसान पहुंचने पर अंजाम भुगतने की चेतावनी दी थी।
यह मामला टीवी चैनलों ने लपका तो देश भर में चर्चाओं में आ गया। विधायक पप्पू भरतौल ने इसके बाद छानबीन शुरू कराई तो पता चला कि यह सिर्फ साक्षी और अजितेश के बीच प्रेम संबंधों का ही मामला नहीं था बल्कि सुनियोजित ढंग से इसमें कुछ ऐसे लोगों ने भी अजितेश की मदद की थी जो पार्टी के कद्दावर नेता हैं। इसके बाद इस मामले में पुलिस सक्रिय हुई। पिछले साल मोहर्रम के दौरान हुए बवाल के बहाने भरतौल के करीबी रहे गौरव उर्फ अरमान सिंह को उठाया गया तो कई नए राज खुले। पता चला कि साक्षी को उसके घर से लेकर निकलने के बाद अजितेश लगातार फोन पर गौरव के संपर्क में रहा। गौरव दावा कर रहा है कि उसकी छह महीने से अजितेश से बोलचाल बंद थी, लेकिन तीन जुलाई से छह जुलाई के बीच ही उसकी अजितेश से दिन में कई-कई बार बातचीत हुई।
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गौरव अरमान को न्यायिक हिरासत में भेजा गया
विधायक राजेश मिश्रा उर्फ पप्पू भरतौल के करीबी रहे गौरव उर्फ अरमान सिंह को कड़ी पुलिस सुरक्षा में रविवार को अदालत में पेश किया गया जहां से उसे 14 दिन की न्यायिक हिरासत में भेज दिया गया। जेल जाने से पहले गौरव अरमान ने विधायक की बेटी के घर से जाने के बाद अजितेश से फोन पर बात होना स्वीकार किया लेकिन इस साजिश में अपनी कोई भूमिका होने से इनकार किया। पुलिस ने गौरव को पिछले साल मोहर्रम के दौरान हुए बवाल के आरोप में जेल भेजा है। बिथरी चैनपुर पुलिस ने शनिवार रात गौरव अरमान को गिरफ्तार कर लिया था जहां देर रात तक उससे पूछताछ की गई।
विधायक राजेश मिश्रा उर्फ पप्पू भरतौल के करीबी रहे गौरव उर्फ अरमान सिंह को कड़ी पुलिस सुरक्षा में रविवार को अदालत में पेश किया गया जहां से उसे 14 दिन की न्यायिक हिरासत में भेज दिया गया। जेल जाने से पहले गौरव अरमान ने विधायक की बेटी के घर से जाने के बाद अजितेश से फोन पर बात होना स्वीकार किया लेकिन इस साजिश में अपनी कोई भूमिका होने से इनकार किया। पुलिस ने गौरव को पिछले साल मोहर्रम के दौरान हुए बवाल के आरोप में जेल भेजा है। बिथरी चैनपुर पुलिस ने शनिवार रात गौरव अरमान को गिरफ्तार कर लिया था जहां देर रात तक उससे पूछताछ की गई।
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बोला- विधायक जी को गलतफहमी हुई है
अदालत परिसर में गौरव उर्फ अरमान सिंह ने कहा कि विधायक जी को कुछ गलतफहमी हुई है। अजितेश पिछले दस साल से विधायक जी के साथ था। उसकी तो उससे डेढ़ साल पहले मुलाकात हुई थी। उसने छह महीने से मुझसे बात करना बंद कर दिया था। इस घटना के तीन दिन पहले उसने दोबारा बोलना शुरू किया था। उसने उसके मोबाइल पर फोन किया था। अनजान नंबर देखकर उसने कॉल रिसीव की तब पता चला कि दूसरी तरफ से अजितेश बात कर रहा है। हालांकि उसने अपना पता-ठिकाना उसे नहीं बताया था। गौरव के पिता लखपत सिंह ने कहा कि वह तीन महीने तक उसकी जमानत नहीं कराएंगे क्योंकि वह उसे मरवाना नहीं चाहते। वो कुछ भी कर सकते हैं।
अदालत परिसर में गौरव उर्फ अरमान सिंह ने कहा कि विधायक जी को कुछ गलतफहमी हुई है। अजितेश पिछले दस साल से विधायक जी के साथ था। उसकी तो उससे डेढ़ साल पहले मुलाकात हुई थी। उसने छह महीने से मुझसे बात करना बंद कर दिया था। इस घटना के तीन दिन पहले उसने दोबारा बोलना शुरू किया था। उसने उसके मोबाइल पर फोन किया था। अनजान नंबर देखकर उसने कॉल रिसीव की तब पता चला कि दूसरी तरफ से अजितेश बात कर रहा है। हालांकि उसने अपना पता-ठिकाना उसे नहीं बताया था। गौरव के पिता लखपत सिंह ने कहा कि वह तीन महीने तक उसकी जमानत नहीं कराएंगे क्योंकि वह उसे मरवाना नहीं चाहते। वो कुछ भी कर सकते हैं।