बॉलीवुड स्टार मिथुन चक्रवती के बेटे मिमोह चक्रवर्ती को दुष्कर्म मामले में अदालत ने सशर्त अग्रिम जमानत प्रदान कर दी है। वहीं इस मामले में मिमोह की मां योगिता बाली भी जमानत मिल गई। उस पर पीड़िता को धमकाने का आरोप है। इससे पूर्व मुंबई कोर्ट ने मामला दिल्ली में दर्ज होने के आधार पर उन्हें अग्रिम जमानत प्रदान करने से इंकार कर दिया था।
रोहिणी स्थित सीबीआई के स्पेशल जज आशुतोष कुमार ने मिमोह व योगिता बाली को एक-एक लाख रुपये के निजी मुचलके व दो-दो जमानती पेश करने पर जमानत प्रदान की है। अदालत ने कहा आरोपी समाज में अपनी पहचान रखते है। इस मामले में उसे हिरासत में लेकर पूछताछ भी नहीं करनी और वह कहीं भागने वाले भी नहीं है।
अदालत ने कहा पीड़िता ने गर्भपात की बात की है लेकिन मामले में कोई भी चिकित्सा प्रमाण नहीं है। दोनों के बीच संबंध आपसी रजामंदी से बने थे और ऐसा कोई साक्ष्य सामने नहीं आया कि आरोपी ने जबरन शारीरिक संबंध बनाए। इसके अलावा पीड़िता ने कभी भी कोई शिकायत दर्ज नहीं करवाई और आरोपी का आज विवाह है इसी कारण दुष्कर्म का आरोप लगा दिया गया।
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योगिता बाली और महाअक्षय (मिथुन चक्रवर्ती की पत्नी और बेटा)
अदातल ने कहा कि यदि आरोपी पीड़िता से विवाह कर लेता तो वह संभवत: ऐसा आरोप भी नहीं लगाती। ऐसे में उनका मानना है कि आरोपी अग्रिम जमानत पाने के हकदार है। इतना ही नहीं अदालत ने मिमोह को मामले की जांच में सहयोग करने का निर्देश देते हुए स्पष्ट किया कि वह मामले से संबंधित किसी साक्ष्य व गवाह को प्रभावित नहीं करेगा। अदालत ने कहा कहा यदि यह जानकारी में आया कि उसने ऐसा किया तो तो उसकी अग्रिम जमानत खारिज कर दी जाएगी।
दो जुलाई को रोहिणी कोर्ट ने बेगमपुर थाना पुलिस को मिमोह के खिलाफ दुष्कर्म की धाराओं में एफआईआर दर्ज करने का आदेश दिया था। 4 जुलाई को मुंबई हाईकोर्ट ने मिमोह को अग्रिम जमानत देने से इनकार करते हुए उसे दिल्ली की कोर्ट में याचका दायर करने की सलाह दी थी। मुंबई हाईकोर्ट ने कहा था कि इस मामले में उसका अधिकार क्षेत्र नहीं बनता।